रंगारंग प्रस्तुतियों, गेम्स और रैम्प वॉक ने बांधा समां, मातृत्व सम्मान का दिया संदे
असाधारण सफलताएँ कभी अकेले हासिल नहीं होतीं, बल्कि एक लक्ष्य के साथ मिलकर कार्य करने वाले अनेक हाथों और समर्पित दिलों का परिणाम होती हैं।
काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। होली एंजेल पब्लिक स्कूल, काशीपुर में शनिवार को मदर्स डे अत्यंत हर्षोल्लास, भावनात्मक वातावरण और भव्यता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में मातृत्व के सम्मान, प्रेम और पारिवारिक एकता की अनूठी झलक देखने को मिली। विद्यालय परिसर रंग-बिरंगी सजावट, उत्साह और खुशियों से सराबोर नजर आया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिष्ठित शिक्षाविद् एवं प्रेरणास्रोत डॉ. ईला मेहरोत्रा उपस्थित रहीं, जिनकी गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा को और अधिक बढ़ा दिया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में माताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विभिन्न मनोरंजक एवं आकर्षक गतिविधियों में सहभागिता की। गेम्स, रैम्प वॉक, समूह नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों का मन मोह लिया। विद्यार्थियों द्वारा मां के प्रति प्रेम, सम्मान और समर्पण को दर्शाती प्रस्तुतियों ने वातावरण को भावुक बना दिया। वहीं माताओं ने भी आत्मविश्वास और उत्साह के साथ मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर कार्यक्रम को यादगार बना दिया। विद्यालय के चेयरमैन अमित सिंह एवं डायरेक्टर-प्रिंसिपल सुबोध कुमार सिंह ने सभी माताओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि मां परिवार और समाज की सबसे बड़ी शक्ति होती है। उन्होंने कहा कि मातृत्व केवल एक रिश्ता नहीं, बल्कि त्याग, प्रेम और समर्पण का जीवंत स्वरूप है। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता के लिए विद्यालय के शिक्षकों, समन्वयकों एवं समस्त स्टाफ सदस्यों के प्रयासों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

कार्यक्रम के दौरान पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट, उत्साह और आनंद से गूंजता रहा। विद्यालय परिवार ने आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी शिक्षकों, प्रशासनिक टीम एवं सहयोगी स्टाफ के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। मदर्स डे समारोह मातृत्व की गरिमा, प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता का सुंदर प्रतीक बनकर उपस्थित सभी लोगों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव सिद्ध हुआ।
मां का स्नेह जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा : डॉ. ईला मेहरोत्रा

काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। होली एंजेल पब्लिक स्कूल में आयोजित मदर्स डे समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एवं प्रतिष्ठित शिक्षाविद् डॉ. ईला मेहरोत्रा ने कहा कि मां केवल एक शब्द नहीं, बल्कि त्याग, प्रेम, ममता और समर्पण का जीवंत स्वरूप होती है। उन्होंने कहा कि मां का निस्वार्थ स्नेह प्रत्येक व्यक्ति के जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा और शक्ति है, जिसकी छाया में बच्चों का व्यक्तित्व संवरता है और उनका भविष्य मजबूत बनता है। डॉ. मेहरोत्रा ने कहा कि बच्चों के संस्कार, अनुशासन और नैतिक मूल्यों की पहली पाठशाला मां ही होती है। मां अपने अथक परिश्रम, धैर्य और समर्पण से परिवार को एकसूत्र में बांधे रखती है तथा समाज को मजबूत आधार प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में भी मातृत्व की गरिमा और सम्मान को सर्वोच्च स्थान दिया जाना आवश्यक है, क्योंकि एक सशक्त और संस्कारित समाज की नींव मां के आदर्शों पर ही आधारित होती है।।उन्होंने विद्यालय परिवार द्वारा आयोजित इस भावनात्मक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करने के साथ-साथ बच्चों में अपनी मां के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और संवेदनशीलता की भावना विकसित करते हैं। उनके प्रेरणादायी संबोधन को उपस्थित अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सराहा।

