विद्यार्थियों ने माताओं के पोर्ट्रेट बनाकर जताया प्रेम, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। ज्ञानार्थी कॉलेज में मदर्स डे हर्षोल्लास, भावनात्मक माहौल और रचनात्मक गतिविधियों के बीच मनाया गया। इस अवसर पर कॉलेज परिसर में आयोजित विभिन्न सांस्कृतिक एवं कलात्मक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा के माध्यम से मां के प्रति सम्मान, प्रेम और समर्पण की भावनाओं को अभिव्यक्त किया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण फाइन आर्ट विभाग के विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए माताओं के सुंदर पोर्ट्रेट रहे। विद्यार्थियों ने अपनी माताओं की तस्वीरों को आकर्षक कलाकृतियों के रूप में प्रस्तुत कर सभी को भावुक कर दिया। उनकी कला में मां के प्रति स्नेह और सम्मान साफ झलक रहा था। उपस्थित शिक्षकों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों ने इन चित्रों की सराहना करते हुए युवा कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। इसके अलावा विद्यार्थियों ने मदर्स डे की थीम पर आधारित गीत, कविता और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम को यादगार बना दिया। भावनात्मक प्रस्तुतियों के दौरान पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। कार्यक्रम में शिक्षकों ने विद्यार्थियों को माता-पिता के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि माता-पिता अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए जीवनभर संघर्ष और त्याग करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने माता-पिता का सम्मान करने, उनकी भावनाओं को समझने और उनके सपनों को साकार करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के समापन पर विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधियों में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कॉलेज प्रशासन ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता और अनुशासन की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों को व्यक्तित्व विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर कॉलेज के अध्यक्ष संतोष मल्होत्रा, सेक्रेटरी शिवानी मेहरोत्रा, इंस्टीट्यूशन हेड प्रतिमा सिंह एवं डायरेक्टर एकेडमी डॉ. मनोज मिश्रा ने सभी विद्यार्थियों को मदर्स डे की शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
मां का सम्मान ही जीवन के संस्कारों की सबसे बड़ी पहचान” : संतोष मेहरोत्रा

काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। ज्ञानार्थी कॉलेज के चेयरमैन संतोष मेहरोत्रा ने मदर्स डे के अवसर पर अपने संदेश में कहा कि मां केवल एक शब्द नहीं, बल्कि त्याग, प्रेम, समर्पण और प्रेरणा का सबसे पवित्र स्वरूप है। एक मां अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए हर कठिनाई को मुस्कुराकर सहन करती है और जीवनभर उनका मार्गदर्शन करती रहती है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन की भागदौड़ में हमें अपने माता-पिता, विशेषकर मां के योगदान को कभी नहीं भूलना चाहिए। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे अपने माता-पिता का सम्मान करें, उनके सपनों को पूरा करने का प्रयास करें और अपने संस्कारों को सदैव जीवित रखें। संतोष मेहरोत्रा ने कहा कि ज्ञानार्थी कॉलेज केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों और पारिवारिक संस्कारों को भी बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मदर्स डे पर आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं।


