सरकारी नौकरी की तैयारी के लिए प्रसिद्ध राम सिंह इंस्टीट्यूट ठाकुरद्वारा का लिया सहयोग
काशीपुर (काशीपुर वार्ता)। उच्च शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों को सरकारी सेवाओं के लिए तैयार करने की दिशा में ज्ञानार्थी कॉलेज ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। कॉलेज ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के क्षेत्र में ख्याति प्राप्त राम सिंह इंस्टीट्यूट, ठाकुरद्वारा के साथ सहयोगात्मक करार किया है, जिसके तहत अब विद्यार्थियों को ग्रेजुएशन के साथ ही विभिन्न सरकारी नौकरियों की तैयारी का अवसर मिलेगा। कॉलेज के अकादमिक डायरेक्टर मनोज मिश्रा ने बताया कि आगामी 15 जुलाई से विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रतियोगी परीक्षा तैयारी कक्षाएं प्रारंभ की जाएंगी। इन कक्षाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को डिग्री कोर्स के दौरान ही सरकारी सेवाओं के लिए सक्षम बनाना है, ताकि वे पढ़ाई पूरी करते ही प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने बताया कि इस संयुक्त पहल के अंतर्गत संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (यूकेपीएससी), कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी), उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, पुलिस भर्ती बोर्ड, बैंकिंग, रेलवे तथा अन्य स्नातक एवं इंटर स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त समीक्षा अधिकारी, अपर निजी सचिव, स्टेनोग्राफर, सब-इंस्पेक्टर, कंप्यूटर ऑपरेटर, क्लर्क और अन्य महत्वपूर्ण पदों के लिए भी विशेष प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। कॉलेज सचिव शिवानी मेहरोत्रा का कहना है कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में विद्यार्थियों के लिए केवल डिग्री प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें करियर उन्मुख शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की भी आवश्यकता है। इसी सोच के साथ यह पहल शुरू की गई है, ताकि विद्यार्थियों को एक ही परिसर में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण दोनों सुविधाएं मिल सकें। सरकारी नौकरी की तैयारी के क्षेत्र में ठाकुरद्वारा स्थित राम सिंह इंस्टीट्यूट ने वर्षों से अनेक विद्यार्थियों को सफलता दिलाकर अपनी विशेष पहचान बनाई है। अब संस्थान के अनुभवी शिक्षक और विशेषज्ञ ज्ञानार्थी कॉलेज के विद्यार्थियों को आधुनिक अध्ययन सामग्री, नियमित टेस्ट, करियर काउंसलिंग और विशेष मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। कॉलेज चेयरमैन संतोष मेहरोत्रा ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि यह पहल युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और बेहतर करियर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
ग्रेजुएशन के साथ प्रतियोगी तैयारी से विद्यार्थियों का भविष्य होगा मजबूत: अनिरुद्ध चौहान

काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। ठाकुरद्वारा स्थित राम सिंह इंस्टीट्यूट के मैनेजिंग डायरेक्टर अनिरुद्ध चौहान ने ज्ञानार्थी कॉलेज के साथ हुए शैक्षणिक सहयोग को विद्यार्थियों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में युवाओं को केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि लक्ष्य आधारित तैयारी और सही मार्गदर्शन की भी आवश्यकता है।.उन्होंने कहा कि इस संयुक्त पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को कॉलेज शिक्षा के साथ-साथ विभिन्न सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्थित तैयारी का अवसर मिलेगा। अनुभवी फैकल्टी, नियमित टेस्ट सीरीज, आधुनिक अध्ययन सामग्री और करियर काउंसलिंग के जरिए विद्यार्थियों को सफलता के लिए तैयार किया जाएगा। अनिरुद्ध चौहान ने कहा कि राम सिंह इंस्टीट्यूट का उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सही दिशा प्रदान करना है, ताकि वे प्रशासनिक सेवाओं, बैंकिंग, रेलवे, पुलिस एवं अन्य सरकारी विभागों में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का आह्वान किया।
शिक्षा के साथ ही करियर निर्माण हमारी प्राथमिकता : संतोष मेहरोत्रा

काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। ज्ञानार्थी कॉलेज के चेयरमैन संतोष मेहरोत्रा ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ बेहतर करियर के अवसर उपलब्ध कराना संस्थान की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सही मार्गदर्शन, अनुभवी शिक्षकों और व्यवस्थित अध्ययन वातावरण की आवश्यकता होती है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए ज्ञानार्थी कॉलेज ने राम सिंह इंस्टीट्यूट, ठाकुरद्वारा के साथ शैक्षणिक सहयोग शुरू किया है। उन्होंने कहा कि इस पहल से विद्यार्थियों को ग्रेजुएशन के साथ-साथ विभिन्न सरकारी नौकरियों की तैयारी का लाभ मिलेगा, जिससे उनका समय भी बचेगा और करियर की दिशा भी मजबूत होगी। कॉलेज में आधुनिक शिक्षण सुविधाएं, अनुभवी फैकल्टी और प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। संतोष मेहरोत्रा ने कहा कि संस्थान का लक्ष्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर, सक्षम और प्रतिस्पर्धी बनाना है। उन्होंने अभिभावकों और विद्यार्थियों से इस अवसर का लाभ उठाकर अपने उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने का आह्वान किया।


