उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर में आयोजित समारोह में शिक्षकों का हुआ अभिनंद
रामनगर (काशीपुर वार्ता)। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामनगर नैनीताल द्वारा आज शनिवार को आयोजित परिषदीय परीक्षा 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर चयनित प्रदेश के 114 शिक्षकों को “उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान 2026” से सम्मानित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उत्तराखंड एथलेटिक्स चयन समिति के अध्यक्ष एवं अंतरराष्ट्रीय एथलीट डॉ. विजेंद्र चौधरी का परिषद के सचिव विनोद प्रसाद सिमलटी तथा कौशल इंटरनेशनल अकैडमी के निदेशक डॉ. गिरीश घुगत्याल ने बुके भेंट कर स्वागत किया।

कार्यक्रम में उत्कृष्ट शिक्षकों को मुख्य अतिथि डॉ. विजेंद्र चौधरी, परिषद सचिव विनोद प्रसाद सिमलटी, अपर निदेशक कुमाऊं गजेंद्र सिंह सोन, संयुक्त सचिव चंडी प्रसाद गहतोड़ी, उप सचिव सुषमा गौरव एवं डॉ. गिरीश घुगत्याल द्वारा शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। परिषद सचिव विनोद प्रसाद सिमलटी ने बताया कि परिषद द्वारा पहली बार यह अभिनव पहल की गई है। विभिन्न विषयों में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के विषय अध्यापकों को प्रोत्साहित करने तथा प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण विकसित करने के उद्देश्य से यह समारोह आयोजित किया गया है। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग के लिए कौशल इंटरनेशनल अकैडमी कानिया, रामनगर का आभार व्यक्त किया।
समारोह के दौरान शिक्षकों पर पुष्पवर्षा भी की गई। कार्यक्रम में अपर शिक्षा निदेशक कुमाऊं गजेंद्र सिंह सोन, संयुक्त सचिव सी.पी. रतूड़ी, उप सचिव सुषमा गौरव, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. नंदन सिंह बिष्ट, प्रशासन अधिकारी मोहन नैनवाल, संदीप बिष्ट, मनमोहन सिंह, दीप गोस्वामी, पंकज जोशी, दीवान गिरी, संतोष कोहली, वार्तिक, पीयूष कांत, अरविंद रावत, महिपाल सिंह, निधि प्रकाश, अंशु चौहान, बाल सिंह, बचे सिंह रावत, धर्मेंद्र बिष्ट, जितेंद्र कंडारी सहित विभिन्न जनपदों से आए चयनित शिक्षक उपस्थित रहे।
समाज और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है: डॉ. विजेंद्र चौधरी

रामनगर (काशीपुर वार्ता। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर में आयोजित उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय एथलीट एवं उत्तराखंड एथलेटिक्स चयन समिति के अध्यक्ष डॉ. विजेंद्र चौधरी ने शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि समाज और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने चयनित शिक्षकों से आह्वान किया कि वे अपने उत्कृष्ट कार्यों और शिक्षण पद्धतियों को निरंतर आगे बढ़ाएं तथा उनका व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि अन्य शिक्षक और विद्यार्थी भी प्रेरणा लेकर बेहतर प्रदर्शन कर सकें। डॉ. चौधरी ने कहा कि सफलता उन्हीं लोगों को मिलती है जो निरंतर संघर्ष और प्रयास करते रहते हैं। उन्होंने शिक्षकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि “हिम्मत नहीं तो प्रतिष्ठा नहीं और विरोधी नहीं तो प्रगति नहीं।” उन्होंने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि “जो पानी से भीगता है वह केवल लिबास बदलता है, लेकिन जो पसीने से भीगता है वह इतिहास बदल देता है।” उनके प्रेरणादायी विचारों से समारोह में मौजूद शिक्षक उत्साहित नजर आए। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों पर पुष्पवर्षा कर उनका सम्मान भी किया गया।



