म्यूचुअल फंड और निवेश माध्यमों पर चार वर्षों तक किया शोध, क्षेत्र में खुशी का माहौल
काशीपुर (काशीपुर वार्ता)। नगर की प्रतिष्ठित शिक्षाविद एवं मास्टर इंटरनेशनल स्कूल की प्रधानाचार्या दीपिका अग्रवाल को अलीगढ़ स्थित मंगलायतन विश्वविद्यालय से वाणिज्य विषय में पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई है। उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि से परिवार, विद्यालय और पूरे क्षेत्र में खुशी एवं गौरव का माहौल है। शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों तथा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए इसे शिक्षा जगत के लिए प्रेरणादायी उपलब्धि बताया। दीपिका अग्रवाल ने “उदारीकृत भारत में म्यूचुअल फंड के संदर्भ में धन सृजन में विभिन्न निवेश माध्यमों की भूमिका” विषय पर अपना शोध कार्य पूर्ण किया। उन्होंने यह शोध मंगलायतन विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट एंड कॉमर्स (आईबीएमसी) विभाग में प्रोफेसर डॉ. विपुल जैन के मार्गदर्शन में लगभग चार वर्षों तक किया। शोध कार्य के दौरान उन्होंने उदारीकरण के बाद भारत में निवेश के बदलते स्वरूप, म्यूचुअल फंड की बढ़ती उपयोगिता तथा धन सृजन में उसकी भूमिका का विस्तृत अध्ययन किया। 18 मई को आयोजित भव्य समारोह में उन्हें पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। इस अवसर पर निदेशक शोध प्रोफेसर अशोक पुरोहित, निदेशक आईबीएमसी प्रोफेसर राजीव कुमार शर्मा, आईबीएमसी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सिद्धार्थ जैन, बाह्य परीक्षक एवं विशेषज्ञ प्रोफेसर पी.के. अग्रवाल, प्रोफेसर शाक्य, कुलपति नामित प्रोफेसर सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सभी ने दीपिका अग्रवाल की मेहनत, समर्पण और शोध के प्रति गंभीरता की सराहना की। दीपिका अग्रवाल की इस सफलता पर मास्टर इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन डॉ. गौरव गर्ग, प्रबंधिका शिल्पी गर्ग, विद्यालय परिवार एवं शिक्षकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यालय के शिक्षकों ने कहा कि उनकी उपलब्धि विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी और शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगी। डॉ. दीपिका अग्रवाल ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार, गुरुजनों और सहयोगियों को देते हुए कहा कि निरंतर मेहनत, सकारात्मक सोच और मार्गदर्शकों के सहयोग से हर लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
शोध यात्रा में परिवार और गुरुओं का अमूल्य सहयोग : डॉ. दीपिका अग्रवाल

काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। किसी भी शोध कार्य की सफलता के पीछे केवल शोधकर्ता की मेहनत ही नहीं, बल्कि गुरुजनों, परिवार और शुभचिंतकों का निरंतर सहयोग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी भावना को व्यक्त करते हुए शोधार्थी दीपिका अग्रवाल ने अपने पीएचडी शोध प्रबंध में सभी सहयोगियों के प्रति आभार प्रकट किया है। उन्होंने अपने शोध निर्देशक डॉ. विपुल जैन का विशेष रूप से धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके कुशल मार्गदर्शन, महत्वपूर्ण सुझावों और निरंतर प्रोत्साहन ने शोध कार्य को सफलतापूर्वक पूर्ण करने में अहम योगदान दिया। इसके साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन एवं शिक्षकों में प्रो. पी.के. दशोरा, ब्रिगेडियर सुमेर वीर सिंह, प्रो. दिनेश कुमार शर्मा, प्रो. राजीव शर्मा, डॉ. अशोक पुरोहित, प्रो. सिद्धार्थ जैन, प्रो. अनुराग शाक्य, डॉ. नियति शर्मा, प्रो. अरसलान अहमद तथा डॉ. अशोक कुमार उपाध्याय सहित अन्य शिक्षकों के सहयोग को भी उन्होंने सराहा। दीपिका अग्रवाल ने अपने स्वर्गीय माता सुषमा अग्रवाल एवं पिता अनिल कुमार अग्रवाल के संस्कारों और आशीर्वाद को जीवन की प्रेरणा बताया। वहीं सास-ससुर मिथलेश अग्रवाल एवं कन्हैयालाल अग्रवाल के सहयोग और प्रोत्साहन के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने पति डॉ. मनीष कुमार अग्रवाल को शोध यात्रा का सबसे बड़ा सहायक बताते हुए कहा कि उनके धैर्य, सहयोग और समझ ने हर कठिनाई को आसान बनाया। साथ ही पुत्र शुभ्रो अग्रवाल के प्रेम और स्नेह को भी अपनी प्रेरणा बताया। दीपिका अग्रवाल ने कहा कि परिवार और गुरुजनों के निःस्वार्थ सहयोग के बिना पीएचडी शोध कार्य की सफलता संभव नहीं हो सकती थी।



