अतिक्रमणकारियों पर प्रशासन की सख्ती, कई स्थानों से सरकारी भूमि कराई मुक्त; डीएम स्वाति एस. भदौरिया ने कहा – राजकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए निरंतर जारी रहेगा अभियान 


  • मुख्यमंत्री के निर्देशों पर अतिक्रमण के विरुद्ध प्रशासन की कड़ी कार्रवाई जारी
  • लैंसडाउन, रिखणीखाल तथा कोटद्वार क्षेत्र में सरकारी भूमि से हटाया गया अतिक्रमण

पौड़ी : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में जनपद पौड़ी गढ़वाल में सरकारी भूमि, सार्वजनिक परिसंपत्तियों एवं राजकीय संस्थानों की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देशन में राजस्व विभाग की टीमों द्वारा विभिन्न तहसीलों में सरकारी भूमि का निरीक्षण कर अतिक्रमण के मामलों को चिन्हित किया जा रहा है तथा नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

इसी क्रम में तहसील लैंसडौन अंतर्गत तोल्यूं तोक, ग्राम च्वरा, पट्टी डबरालस्यूं-03 में निरीक्षण के दौरान सरकारी भूमि पर अतिरिक्त तारबाड़ लगाकर अतिक्रमण किए जाने का मामला प्रकाश में आया। राजस्व विभाग द्वारा मौके का निरीक्षण कर भूमि का सत्यापन किया गया, जिसके उपरांत सरकारी भूमि पर की गई अवैध तारबाड़ को हटाकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा अथवा सीमांकन से अधिक क्षेत्र में अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा।

वहीं, तहसील रिखणीखाल क्षेत्र में राजस्व विभाग द्वारा सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए ग्राम गुर्डेता, पट्टी बिचलाबदलपुर-4, ग्राम घेडी, पट्टी बिचलाबदलपुर-2 तथा ग्राम कण्डिया तल्ला, पट्टी बिचलाबदलपुर-5 में राजस्व भूमि से अस्थायी अतिक्रमण हटाया गया। विभाग द्वारा संयुक्त कार्रवाई करते हुए संबंधित स्थलों को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।

इसके अतिरिक्त तहसील कोटद्वार अंतर्गत ग्राम नंदपुर, पट्टी मोटाढाक में स्थित पटवारी चौकी मोटाढाक की भूमि पर किए गए अस्थायी अतिक्रमण को भी राजस्व विभाग द्वारा चिन्हित किया गया। भूमि का अभिलेखीय परीक्षण एवं स्थलीय निरीक्षण करने के बाद संबंधित अतिक्रमण को हटवाकर राजकीय भूमि को पुनः मुक्त कराया गया।

वहीं ग्राम खूनीबड़, पट्टी मोटाढाक में बंजर श्रेणी की सरकारी भूमि पर तारबाड़ लगाकर तथा गमलों और नर्सरी के माध्यम से किए गए अस्थायी अतिक्रमण को राजस्व विभाग द्वारा चिन्हित किया गया। विभागीय कार्रवाई के बाद संबंधित व्यक्ति द्वारा स्वयं ही अतिक्रमण हटा लिया गया, जिससे उक्त भूमि अतिक्रमण मुक्त हो गयी।

जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जनपद में राजकीय भूमि, सार्वजनिक मार्गों, चारागाहों, बंजर भूमि एवं अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने राजस्व विभाग को सभी तहसीलों में नियमित निरीक्षण एवं सतत निगरानी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि जहां भी सरकारी भूमि पर अतिक्रमण पाया जाएगा, वहां तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

जिलाधिकारी ने आमजन से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा या अतिक्रमण दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल तहसील प्रशासन अथवा राजस्व विभाग को दें, ताकि समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि जनहित एवं सार्वजनिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन का अतिक्रमण हटाओ अभियान आगे भी पूरी सख्ती और निरंतरता के साथ जारी रहेगा।



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