अधिकारियों पर बरसे भाजपा प्रदेश प्रवक्ता, बोले- बजट मिल रहा, काम नहीं हो रहा


पिथौरागढ़। उत्तराखंड में भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष के साथ-साथ अब पार्टी के वरिष्ठ नेता भी सवाल उठाने लगे हैं। भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी ने पिथौरागढ़ में विभिन्न सरकारी विभागों, विशेष रूप से लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) और राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि सरकार विकास कार्यों के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध करा रही है, लेकिन धरातल पर उसका लाभ जनता को नहीं मिल रहा है।

जिला मुख्यालय में आयोजित जनता दरबार के दौरान सुरेश जोशी ने जिलाधिकारी आशीष भटगांई के समक्ष सड़क, सीवर लाइन और नगर की अन्य बुनियादी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि कई जनहित से जुड़े मामले वर्षों से लंबित पड़े हैं और संबंधित विभागों की उदासीनता के कारण जनता परेशान है। जोशी ने ऐंचोली-बड़ाबे सड़क का मुद्दा उठाते हुए कहा कि करीब ढाई वर्ष पहले सड़क निर्माण का टेंडर हो चुका था, लेकिन आज तक कार्य शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ में प्रस्तावित सर्किट हाउस का निर्माण भी ठेकेदारों के आपसी विवाद और न्यायालयी प्रक्रिया के चलते अधर में लटका हुआ है।

उन्होंने नगर में लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सीवरेज परियोजना पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद आज तक आम जनता को इसका लाभ नहीं मिल सका है, जबकि हर वर्ष इसके रखरखाव के लिए अतिरिक्त बजट की मांग की जा रही है। उन्होंने ऐसे मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और वेतन कटौती की मांग की।

ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों की बदहाल स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए सुरेश जोशी ने कहा कि कई मार्गों पर झाड़ियां उग आई हैं और जंगली जानवरों का खतरा बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिथौरागढ़ में लोनिवि और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग पूरी तरह निष्क्रिय बने हुए हैं।

नगर क्षेत्र में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि तिराहों और चौराहों पर कुत्तों के झुंड लोगों के लिए खतरा बन रहे हैं। आए दिन लोगों को काटने की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का भी पालन नहीं हो रहा है। सुरेश जोशी ने नगर के कई वार्डों में खराब रास्तों और मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी जिलाधिकारी के समक्ष रखा। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन जल्द ही इन समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रभावी कार्रवाई करेगा।

गौरतलब है कि यह पहला अवसर है जब भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता ने सार्वजनिक रूप से अपनी ही सरकार के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। इससे पहले विधायक अरविंद पांडे, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत तथा विधायक बिशन सिंह चुफाल भी अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर नाराजगी जता चुके हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा नेताओं की बढ़ती नाराजगी विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का नया अवसर दे सकती है।



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