हरि कथा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, गौसेवा का दिया संदेश

गौसेवा ही मानवता का परम धर्म : स्वामी अमृतानंद जी महाराज

 

काशीपुर (काशीपुर वार्ता)। ग्राम सभा सरकड़ा विश्नोई में आयोजित पावन हरि कथा के दौरान श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा वाचन करते हुए परम पूज्य स्वामी अमृतानंद जी महाराज ने गाय माता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय को माता का दर्जा दिया गया है और उसकी सेवा करना प्रत्येक मनुष्य का परम कर्तव्य है। स्वामी जी ने अपने प्रवचनों में कहा कि देशी गाय का दूध अमृत के समान होता है, जो न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से देशी गायों के संरक्षण एवं पालन का आह्वान करते हुए कहा कि यह हमारी परंपरा और संस्कृति की रक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने युवाओं की भूमिका पर भी विशेष जोर देते हुए कहा कि किसी भी समाज की प्रगति में युवाओं की भागीदारी अत्यंत आवश्यक होती है। यदि युवा सही दिशा में आगे बढ़ें, तो समाज और राष्ट्र दोनों सशक्त बनते हैं। इस अवसर पर कार्यक्रम में सामाजिक समरसता और सम्मान का भी भाव देखने को मिला। विश्नोई सभा सरकड़ा विश्नोई के अध्यक्ष पवन विश्नोई, अमरीश विश्नोई, शरद विश्नोई सहित अन्य पदाधिकारियों ने अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा, काशीपुर के अध्यक्ष सुरेश शर्मा, सचिव शशिकांत शर्मा, कोषाध्यक्ष अरविंद शर्मा तथा देवनारायण का पटका पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही, जिन्होंने कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। पूरा वातावरण भक्ति और श्रद्धा से ओत-प्रोत रहा। आयोजकों ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे धार्मिक आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।

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