एक ओंकार ग्लोबल अकादमी के बच्चों ने आईटीआई कोतवाली पहुंचकर जानी पुलिस कार्यप्रणाली

स्कूली बच्चों ने शैक्षिक भ्रमण के दौरान साइबर सुरक्षा और अनुशासन का लिया ज्ञान

काशीपुर (काशीपुर वार्ता)। विद्यार्थियों को कानून व्यवस्था, पुलिस प्रशासन और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक ओंकार ग्लोबल अकादमी के कक्षा 9 से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं ने आईटीआई कोतवाली का शैक्षिक भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने पुलिस की कार्यशैली को नजदीक से जाना तथा सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। कोतवाली परिसर पहुंचने पर कोतवाली पुलिस ने विद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों का स्वागत किया। प्रभारी निरीक्षक रवि सैनी ने बच्चों को पुलिस विभाग के दायित्वों, कानून व्यवस्था बनाए रखने की प्रक्रिया, शिकायतों के निस्तारण, अपराध नियंत्रण तथा आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस की भूमिका के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में अनुशासन, ईमानदारी और सकारात्मक सोच अत्यंत आवश्यक है। युवाओं को नशे, गलत संगति और अन्य बुरी आदतों से दूर रहना चाहिए, क्योंकि यही आदतें कई बार भविष्य को प्रभावित कर देती हैं। उन्होंने बच्चों को समाज में सजग नागरिक बनने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने का संदेश भी दिया। कार्यक्रम के दौरान साइबर अपराधों से बचाव पर विशेष जोर दिया गया।

उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि सोशल मीडिया का प्रयोग सोच-समझकर करें, किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी, बैंक विवरण अथवा निजी जानकारी किसी से साझा न करें। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल और डिजिटल फ्रॉड से बचने के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने पुलिस कार्यप्रणाली, भर्ती प्रक्रिया, महिला सुरक्षा, यातायात नियमों तथा साइबर अपराधों से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका प्रभारी निरीक्षक ने सरल और सहज भाषा में उत्तर दिया। बच्चों ने पुलिस स्टेशन के विभिन्न अनुभागों का अवलोकन भी किया। शैक्षिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह दिखाई दिया और उन्होंने इसे प्रेरणादायक अनुभव बताया। विद्यालय प्रबंधन की ओर से चेयरमैन सुखविंदर सिंह ने आईटीआई कोतवाली पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे भ्रमण विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और जागरूकता के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक जानकारी मिलना भी जरूरी है। इस अवसर पर शिक्षक एवं स्कूली स्टाफ मौजूद रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *