मेयर दीपक बाली की अगुवाई में चला नगर निगम का अभियान, युवाओं की भागीदारी से जागी स्वच्छता की नई चेतना
काशीपुर (काशीपुर वार्ता)। चैती मेले के उपरांत चैती मैदान में आज बुधवार को नगर निगम द्वारा चलाए गए स्वच्छता अभियान में एक ओंकार ग्लोबल अकादमी काशीपुर के छात्र-छात्राओं ने उल्लेखनीय योगदान देकर स्वच्छता के प्रति अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने न केवल पूरे अभियान को गति दी, बल्कि आम नागरिकों के बीच भी स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचाया। इस अभियान का नेतृत्व नगर मेयर दीपक बाली ने किया। नगर निगम द्वारा आयोजित इस विशेष अभियान का उद्देश्य चैती मेले के दौरान फैले कूड़े-कचरे को हटाकर मैदान और उसके आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाना था। अभियान के दौरान मेयर दीपक बाली ने स्वयं सफाई कार्य में हिस्सा लेते हुए झाड़ू उठाई और कूड़ा एकत्रित किया। उन्होंने कहा कि “वातावरण की स्वच्छता ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।” उनके इस व्यवहारिक दृष्टिकोण ने उपस्थित लोगों और विद्यार्थियों में उत्साह का संचार किया। अभियान में शामिल विद्यार्थियों ने पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ कार्य करते हुए नगर निगम द्वारा उपलब्ध कराए गए मास्क और दस्तानों का उपयोग किया तथा मैदान में फैले कचरे को एकत्रित कर निर्धारित स्थान पर पहुंचाया। बच्चों ने “स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत” और “हमारा शहर, हमारी जिम्मेदारी” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित किया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य जॉनसन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व और नैतिक मूल्यों का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों को समाज के प्रति जागरूक और संवेदनशील नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं। इस अवसर पर अकादमी की चेयरपर्सन नवनीत कौर, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं अन्य स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।
सामूहिक प्रयास से संभव है बदलाव: सुखविंदर सिंह

काशीपुर (काशीपुर वार्ता)। एक ओंकार अकादमी के चेयरमैन सुखविंदर सिंह ने कहा कि नगर निगम का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है, जिसने चैती मैदान को स्वच्छ बनाने के साथ-साथ नागरिकों को भी जिम्मेदारी का एहसास कराया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। जब समाज और प्रशासन एक साथ मिलकर कार्य करते हैं, तब सकारात्मक परिवर्तन निश्चित रूप से संभव होता है।

