समय पर जांच और उपचार से बच्चों का बेहतर विकास संभव, अभिभावकों से जागरूक रहने की अपील
काशीपुर (काशीपुर वार्ता)। बच्चों में बढ़ती हार्मोनल, शारीरिक और विकास संबंधी समस्याओं को लेकर शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि सहोता ने अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि कई बार माता-पिता बच्चों की शारीरिक परेशानियों को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे आगे चलकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
सहोता मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, काशीपुर के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि सहोता ने बताया कि यदि बच्चे की लंबाई उम्र के अनुसार नहीं बढ़ रही हो, शरीर का विकास समय से पहले या अत्यधिक देर से हो रहा हो, तो इसे सामान्य न समझें। ऐसे मामलों में विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श आवश्यक होता है। उन्होंने बताया कि लड़कों में स्तन का विकास होना तथा लड़कियों के शरीर पर अत्यधिक बाल आना हार्मोनल असंतुलन के संकेत हो सकते हैं। वहीं किशोरियों में महावारी की अनियमितताएं भी गंभीर समस्या का कारण बन सकती हैं, जिसके लिए समय रहते जांच और उपचार जरूरी है। डॉ. सहोता ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों में अत्यधिक मोटापा तेजी से बढ़ रहा है, जो भविष्य में शुगर, थायराइड और अन्य बीमारियों का कारण बन सकता है। इसके अलावा कई बच्चों में गेहूं से एलर्जी तथा पैरों के टेढ़ेपन जैसी समस्याएं भी देखने को मिल रही हैं, जिनका समय पर इलाज आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि यदि बच्चों में इस प्रकार के कोई भी लक्षण दिखाई दें तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करें, ताकि शुरुआती अवस्था में ही बीमारी की पहचान कर उचित उपचार शुरू किया जा सके।
डॉ. रवि सहोता ने कहा कि बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास सही दिशा में होना बेहद आवश्यक है। समय पर जांच और सही इलाज से अधिकांश समस्याओं का सफल उपचार संभव है। उन्होंने कहा कि जागरूकता और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण बच्चों के स्वस्थ भविष्य की सबसे बड़ी कुंजी हैं।


