सैकड़ों विद्यार्थियों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
कशीपुर (कशीपुर वार्ता)। हरेला पर्व के अवसर पर रोटरी क्लब ऑफ कॉर्बेट काशीपुर द्वारा उदय इंटर कॉलेज परिसर काशीपुर में भव्य पौधारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 100 से अधिक छात्र-छात्राओं, एनसीसी कैडेट्स, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों तथा रोटरी क्लब के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में रोटरी क्लब ऑफ कॉर्बेट काशीपुर के अध्यक्ष, सहोता सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल के निदेशक एवं आईएपी उत्तराखंड के अध्यक्ष डॉ. रवि सहोता, प्रो. डॉ. दीपिका गुड़िया आत्रेय, डॉ. नवप्रीत सहोता, उदय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य बृजेश गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थियों द्वारा हरेला पर्व के महत्व एवं पर्यावरण संरक्षण पर प्रभावशाली वक्तव्यों से हुई। विद्यार्थियों ने प्रकृति संरक्षण का संदेश देते हुए सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया।
इसके उपरांत सभी अतिथियों, विद्यार्थियों, एनसीसी कैडेट्स एवं रोटरी सदस्यों ने विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। इस अवसर पर प्रधानाचार्य बृजेश गुप्ता के पौधे लगाने के बाद उनकी देखभाल और संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने सभी से एक पौधा लगाने का अनुरोध किया। प्रो. डॉ. दीपिका गुड़िया आत्रेय ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समाज की अनिवार्य आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनें और अपने जीवन में प्रत्येक वर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प लें। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकगण, एनसीसी कैडेट्स, छात्र-छात्राएं, रोटरी क्लब ऑफ कॉर्बेट काशीपुर के सदस्य तथा विद्यालय प्रबंधन ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थित लोगों द्वारा पर्यावरण संरक्षण, अधिक से अधिक वृक्षारोपण एवं लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल का सामूहिक संकल्प लेने के साथ हुआ।
पौधारोपण के बाद उनकी देखभाल और संरक्षण बेहद जरूरी : डॉ. रवि सहोता
काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। रोटरी क्लब ऑफ कॉर्बेट काशीपुर के अध्यक्ष, सहोता सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल के निदेशक एवं आईएपी उत्तराखंड के अध्यक्ष डॉ. रवि सहोता ने हरेला पर्व पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि हरेला केवल एक पारंपरिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पौधारोपण को केवल औपचारिक अभियान या एक दिन के आयोजन तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाना आवश्यक है। डॉ. सहोता ने कहा, “पौधे लगाना जितना जरूरी है, उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण करना है। यदि हम प्रत्येक लगाए गए पौधे को वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखने का संकल्प लें, तभी वृक्षारोपण अभियान अपने वास्तविक उद्देश्य को प्राप्त कर सकेगा।” उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।






