विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बच्चों की आंख, दांत, गला व सामान्य स्वास्थ्य की जांच कर दिए जरूरी सुझाव
काशीपुर (काशीपुर वार्ता)। विद्यार्थियों के बेहतर स्वास्थ्य, जागरूकता और सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए मास्टर इंटरनेशनल स्कूल में मंगलवार को दो दिवसीय हेल्थ चेकअप कैंप का शुभारम्भ किया गया। कैंप के प्रथम दिवस में कक्षा दो से कक्षा आठ तक के विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस स्वास्थ्य शिविर में मुरादाबाद रोड स्थित केवीआर हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने बच्चों की विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी जांचें कर आवश्यक परामर्श प्रदान किया। कैंप के दौरान विद्यार्थियों की आंखों, कान, गले, दांत, ऊंचाई, वजन तथा सामान्य स्वास्थ्य की विस्तृत जांच की गई। केवीआर हॉस्पिटल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. कुशाल अग्रवाल एवं चिकित्सकों की टीम ने बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने, नियमित योग और व्यायाम करने, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने तथा मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से बचने की सलाह दी। चिकित्सकों ने बच्चों को पर्याप्त नींद और शारीरिक गतिविधियों के महत्व के बारे में भी जागरूक किया।

विद्यालय प्रबंधिका शिल्पी गर्ग ने बताया कि इस हेल्थ चेकअप कैंप का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण के माध्यम से संभावित समस्याओं की समय रहते पहचान कर उचित सुझाव प्रदान करना है। शिविर में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और डॉक्टरों से स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। विद्यालय प्रशासन, शिक्षकों, केवीआर हॉस्पिटल की टीम तथा विद्यार्थियों के सहयोग से हेल्थ चेकअप कैंप का प्रथम दिवस सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

विद्यालय के चेयरमैन डॉ. गौरव गर्ग ने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा प्रदान करने का माध्यम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के संपूर्ण व्यक्तित्व विकास का केंद्र भी है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निर्माण संभव है, इसलिए विद्यालय समय-समय पर इस प्रकार के जागरूकता एवं स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।

प्रधानाचार्या दीपिका अग्रवाल ने बताया कि कैंप के दूसरे दिवस में शेष कक्षाओं के विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर विद्यार्थियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने और अभिभावकों को बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति से अवगत कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



