कामगारों के बीच सही जानकारी पहुंचाने, संवाद बढ़ाने और औद्योगिक शांति बनाए रखने की उद्योगों से अपील
काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। कुमायूँ गढ़वाल चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री (केजीसीसीआई) के अध्यक्ष पवन अग्रवाल ने उत्तराखण्ड राज्य के सभी उद्यमियों एवं उद्योग प्रबंधकों से अपील की है कि वे औद्योगिक क्षेत्रों में न्यूनतम वेतन को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों और अफवाहों के प्रति गंभीरता बरतें तथा अपने कामगारों तक सही और आधिकारिक जानकारी पहुंचाने का कार्य करें। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय उद्योगों और कामगारों के बीच विश्वास एवं संवाद बनाए रखने का है, ताकि किसी भी प्रकार की गलतफहमी औद्योगिक माहौल को प्रभावित न कर सके। उन्होंने कहा कि कुछ बाहरी तत्वों द्वारा श्रमिकों के बीच यह भ्रामक प्रचार किया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने न्यूनतम वेतनमान 20 हजार रुपये निर्धारित कर दिया है, जबकि उद्योग इसे लागू नहीं कर रहे हैं। पवन अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि केंद्र अथवा राज्य सरकार की ओर से ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है और यह पूरी तरह निराधार तथा भ्रम फैलाने वाली अफवाह है। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग और जिला प्रशासन भी कई स्तरों पर यह स्पष्ट कर चुके हैं कि श्रमिकों में फैलाई जा रही यह जानकारी तथ्यहीन है। केजीसीसीआई अध्यक्ष ने कहा कि श्रमिकों के बीच फैली शंकाओं और भ्रम को दूर करने के उद्देश्य से श्रम आयुक्त द्वारा एक आधिकारिक वीडियो क्लिप भी जारी की गई है। उन्होंने सभी उद्योग प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि इस वीडियो को अपनी इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों को अवश्य दिखाएं तथा श्रमिकों के व्हाट्सएप समूहों सहित अन्य माध्यमों से अधिक से अधिक प्रसारित करें, ताकि सही जानकारी प्रत्येक कामगार तक पहुंच सके।
उन्होंने उद्योग प्रबंधन से यह भी कहा कि राज्य सरकार द्वारा वर्तमान में निर्धारित न्यूनतम वेतनमान का भुगतान श्रमिकों को समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उद्योगों में कार्यरत कामगारों, सुपरवाइजरों एवं श्रमिक प्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठकें आयोजित कर उन्हें विश्वास में लिया जाए और यह संदेश दिया जाए कि उद्योग हमेशा श्रमिकों के हितों और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं।
पवन अग्रवाल ने कहा कि कामगार किसी भी उद्योग की सबसे बड़ी शक्ति और रीढ़ होते हैं। ऐसे संवेदनशील समय में आवश्यक है कि श्रमिक किसी भी बाहरी और गैर-सत्यापित व्यक्ति या संगठन के बहकावे में न आएं, क्योंकि कुछ लोग निजी स्वार्थ के लिए भ्रम फैलाने का प्रयास कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि धैर्य, आपसी विश्वास, श्रमिकों के प्रति संवेदनशीलता और सही जानकारी का प्रसार ही औद्योगिक शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी उद्यमियों, उद्योग प्रबंधकों और श्रमिक प्रतिनिधियों से मिलकर सुरक्षित, सकारात्मक और सहयोगपूर्ण औद्योगिक वातावरण बनाए रखने का आह्वान किया।



