भीषण गर्मी में विद्यार्थियों ने दिया सेवा और मानवता का संदेश, राहगीरों ने सराहा प्रयास
काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। रामनगर रोड स्थित प्रतिष्ठित स्ट्रैटन वर्ल्ड स्कूल द्वारा आज गुरुवार को केला मोड़ पर भीषण गर्मी से राहत पहुंचाने के उद्देश्य से छबील का आयोजन किया गया। विद्यालय परिवार की ओर से राहगीरों को ठंडा मीठा शरबत पिलाकर चिलचिलाती धूप में उन्हें राहत प्रदान करने का प्रयास किया गया। इस सेवा कार्य में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों ने अपने अध्यापकों एवं प्रधानाचार्य सुरेंद्र भारद्वाज के नेतृत्व में सड़क से गुजर रहे पैदल यात्रियों, बसों में बैठे यात्रियों, कार, ट्रक तथा मोटरसाइकिल सवारों को रोक-रोककर शरबत वितरित किया। अचानक मिली इस ठंडी सौगात से राहगीरों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने विद्यालय परिवार को आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर विद्यालय की डायरेक्टर हरप्रीत कौर ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि समाज सेवा से जुड़े कार्य बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को आगे भी इसी प्रकार के सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेंद्र भारद्वाज ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि शिक्षा तभी सार्थक होती है, जब वह समाज और मानवता के हित में उपयोगी सिद्ध हो। उन्होंने कहा कि हमें सदैव समाज सेवा और देश सेवा के कार्यों के लिए तत्पर रहना चाहिए। विद्यालय के इस मानवीय प्रयास की क्षेत्रवासियों एवं राहगीरों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।
समाज सेवा से संवेदनशील नागरिक बनाने की पहल : शिरीन सैनी

काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। स्ट्रैटन वर्ल्ड स्कूल की सह-प्रबंधिका शिरीन सैनी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उनमें सामाजिक सरोकार, सेवा भावना और मानवीय मूल्यों का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बीच राहगीरों को ठंडा मीठा शरबत पिलाना विद्यार्थियों की संवेदनशील सोच और सेवा भाव का परिचायक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सेवा कार्यों से बच्चों में सहयोग, करुणा और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। विद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ समाज सेवा से भी जोड़ा जाए, ताकि वे भविष्य में जिम्मेदार, जागरूक और संवेदनशील नागरिक बन सकें। शिरीन सैनी ने विद्यार्थियों के उत्साह और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



