बाल शल्य चिकित्सक डॉ. गर्विता सिंह की टीम ने किया जटिल ऑपरेशन, समय पर उपचार से बची किडनी को गंभीर क्षति
काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। सहोता सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर में 6 वर्षीय बच्चे के दाहिने गुर्दे में मौजूद बड़े स्टैगहॉर्न स्टोन का सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर उसे नई राहत प्रदान की गई। बाल शल्य चिकित्सा एवं बाल मूत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. गर्विता सिंह द्वारा ओपन पायलोलिथोटॉमी सर्जरी के माध्यम से जटिल पथरी को सफलतापूर्वक निकाला गया। जानकारी के अनुसार बच्चा लंबे समय से बार-बार यूरिन इन्फेक्शन (यूटीआई), पेट एवं कमर के दाहिने हिस्से में दर्द जैसी समस्याओं से परेशान था। लगातार तकलीफ बढ़ने पर बच्चे को सहोता सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल लाया गया, जहां जांच के दौरान उसके दाहिने गुर्दे में बड़ा स्टैगहॉर्न कैल्कुलस पाया गया। चिकित्सकों के अनुसार यह पथरी गुर्दे के भीतर जाल की तरह फैल चुकी थी, जो समय रहते उपचार न होने पर किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती थी। विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में बच्चे की विस्तृत जांच की गई और तत्पश्चात डॉ. गर्विता सिंह के नेतृत्व में सफल ओपन पायलोलिथोटॉमी सर्जरी की गई। ऑपरेशन के बाद बच्चे की स्थिति पूरी तरह स्थिर बताई जा रही है तथा वह तेजी से स्वस्थ होकर सामान्य जीवन की ओर लौट रहा है।

बाल शल्य चिकित्सा एवं बाल मूत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. गर्विता सिंह ने बताया कि बच्चों में बार-बार यूरिन इन्फेक्शन, पेशाब में जलन, लगातार बुखार, पेट या कमर दर्द जैसे लक्षणों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार सामान्य दिखाई देने वाले ये लक्षण गंभीर किडनी रोगों का संकेत हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि समय पर जांच एवं विशेषज्ञ उपचार से भविष्य में होने वाले गंभीर किडनी डैमेज को रोका जा सकता है। उन्होंने क्षेत्र के अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों में किसी भी असामान्य लक्षण को हल्के में न लें और तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लें। सहोता सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर में बच्चों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त विशेष बाल शल्य चिकित्सा एवं सुपर स्पेशलिटी सेवाएं उपलब्ध हैं, जहां अनुभवी विशेषज्ञों द्वारा बेहतर उपचार प्रदान किया जा रहा है।
बच्चों के स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी : डॉ. रवि सहोता
सही समय पर सही विशेषज्ञ — बच्चे के स्वस्थ भविष्य की कुंजी

काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। सहोता सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर के बाल रोग एवं नवजात शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रवि सहोता ने कहा कि बच्चों की बीमारियों के उपचार में सही समय पर सही विशेषज्ञ तक पहुंचना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अक्सर अभिभावक बच्चों की स्वास्थ्य समस्याओं को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे कई बार बीमारी गंभीर रूप ले लेती है। डॉ. सहोता ने कहा, “बच्चे छोटे वयस्क नहीं होते। उनकी शारीरिक संरचना, बीमारियां और सर्जिकल जरूरतें पूरी तरह अलग होती हैं। इसलिए बच्चों का उपचार विशेष रूप से प्रशिक्षित पीडियाट्रिक्स सर्जन की देखरेख में ही होना चाहिए।” उन्होंने बताया कि बाल शल्य चिकित्सक जन्मजात विकारों, किडनी एवं मूत्र रोगों, पेट की जटिल समस्याओं और बच्चों में होने वाली विभिन्न सर्जिकल बीमारियों के विशेषज्ञ होते हैं। समय पर विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह न केवल जटिलताओं को रोक सकती है, बल्कि बच्चे को स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर सजग रहने की अपील करते हुए कहा कि यदि बच्चे में बार-बार बुखार, पेट दर्द, पेशाब में तकलीफ या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें तो तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।



