ज्ञानार्थी कोलॉज में क्षेत्र के मेधावी छात्र-छात्राओं को शत-प्रतिशत तक स्कॉलरशिप का सुनहरा अवसर, रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का भरोसा, अनुभवी शिक्षकों व आधुनिक शिक्षण व्यवस्था से विद्यार्थियों का होगा सर्वांगीण विकास
काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। शहर के मध्य स्थित ज्ञानार्थी कॉलेज मे शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। कॉलेज प्रशासन ने मेधावी एवं पात्र विद्यार्थियों के लिए शत-प्रतिशत तक स्कॉलरशिप की घोषणा की है, जिससे आर्थिक रूप से सक्षम होने के साथ-साथ प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्राप्त करने का बेहतर अवसर मिल सके। कॉलेज में वर्तमान समय की मांग के अनुरूप रोजगारोन्मुख एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिए जा रहे हैं। इनमें बी.कॉम ऑनर्स, बी.कॉम ऑनर्स (अकाउंटिंग एंड फाइनेंस), बी.कॉम ऑनर्स (बैंकिंग एंड फाइनेंस), बैचलर ऑफ फाइन आर्ट, बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, बैचलर ऑफ फैशन डिजाइनिंग तथा बैचलर ऑफ एनिमेशन प्रमुख हैं। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के साथ-साथ बेहतर करियर के लिए तैयार करना है। कॉलेज अपनी उत्कृष्ट शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुभवी एवं योग्य शिक्षकों, अनुशासित शैक्षणिक वातावरण तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए क्षेत्र में विशेष पहचान रखता है। आधुनिक शिक्षण पद्धति, व्यवहारिक प्रशिक्षण और व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान देकर विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण के अनुरूप तैयार किया जाता है। शहर के बीचों-बीच स्थित होने के कारण कॉलेज तक पहुंचना भी विद्यार्थियों के लिए बेहद सुविधाजनक है।
समय रहते प्रवेश लें, शत-प्रतिशत तक स्कॉलरशिप का लाभ उठाएं: संतोष मेहरोत्रा
काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। ज्ञानार्थी कॉलेज के चेयरमैन संतोष मेहरोत्रा ने अभिभावकों एवं इच्छुक छात्र-छात्राओं से समय रहते प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए कॉलेज में प्रवेश प्रारंभ हो चुके हैं और पात्र एवं मेधावी विद्यार्थियों को शत-प्रतिशत तक स्कॉलरशिप प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि कॉलेज का उद्देश्य आर्थिक रूप से योग्य और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना है। संतोष मेहरोत्रा ने कहा कि विभिन्न रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों में सीटें सीमित हैं, इसलिए प्रवेश ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर दिए जा रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए बिना विलंब अपना प्रवेश सुनिश्चित करने तथा उपलब्ध स्कॉलरशिप योजना का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया।






