होली एंजल पब्लिक स्कूल में हरेला पर्व की धूम, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

गीत-नृत्य, भाषण और वृक्षारोपण कार्यक्रमों में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी, प्रकृति संरक्षण का लिया संकल्प

काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। होली एंजल पब्लिक स्कूल, काशीपुर में गुरुवार को हरेला पर्व पारंपरिक उल्लास, सांस्कृतिक गरिमा और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर प्रकृति प्रेम, भारतीय संस्कृति और हरियाली के संदेश से सराबोर नजर आया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य, भाषण एवं रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का प्रभावशाली संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया। विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालय परिवार ने अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लिया। वक्ताओं ने हरेला पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताया। विद्यालय के निदेशक-प्रधानाचार्य सुबोध कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि “प्रकृति हमारी सबसे बड़ी धरोहर है। इसकी रक्षा करना ही मानवता की सबसे बड़ी सेवा है।” उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण को केवल एक अभियान नहीं, बल्कि अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं और पौधरोपण के साथ-साथ उनकी देखभाल का भी संकल्प लें। पूरे आयोजन में विद्यार्थियों का उत्साह और सहभागिता देखने लायक रही। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रभावी ढंग से जन-जन तक पहुंचाया। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर विद्यालय प्रबंधन ने सभी समन्वयकों, गतिविधि प्रभारियों, शिक्षकों, प्रशासनिक टीम, सहयोगी कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। प्रबंधन ने कहा कि सभी के समर्पण, सहयोग और उत्कृष्ट टीमवर्क के कारण हरेला पर्व का आयोजन सफल, प्रेरणादायी और यादगार बन सका।

हरेला पर्व प्रकृति से जुड़ने और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी निभाने का अवसर : अमित सिंह

काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। होली एंजल पब्लिक स्कूल के चेयरमैन अमित सिंह ने हरेला पर्व पर समस्त प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “एक पेड़, अनेक जीवन — आइए, हरियाली को अपना संस्कार बनाएँ।” उन्होंने कहा कि हरेला उत्सव केवल पौधे लगाने का पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के सम्मान और भविष्य के संरक्षण का संकल्प है। उन्होंने कहा कि “हरेला उत्सव—प्रकृति का सम्मान, भविष्य का संरक्षण” का संदेश हम सभी को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। श्री सिंह ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि प्रतिवर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित पर्यावरण प्रदान किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों और युवाओं से पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रकृति की रक्षा ही मानवता की सच्ची सेवा और समृद्ध भविष्य की सबसे मजबूत नींव है।

 

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