हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी में खिला ब्रह्म कमल, उच्च हिमालयी वादियां बनीं प्रकृति का अनुपम नज़ारा


  • मानसूनी बारिश के बाद उत्तराखंड का राज्य पुष्प बना पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र, वन विभाग ने संरक्षण की अपील की

चमोली। मानसून की बारिश के बाद उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र एक बार फिर प्राकृतिक सौंदर्य से सराबोर हो उठे हैं। राज्य पुष्प ब्रह्म कमल इन दिनों हेमकुंड साहिब और विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी में पूरी आभा के साथ खिल उठा है। दुर्लभ हिमालयी पुष्प की मनमोहक छटा देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंच रहे हैं, जिससे पूरा क्षेत्र प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया है।

वन विभाग के अनुसार जुलाई के दूसरे और तीसरे सप्ताह से ही हेमकुंड साहिब ट्रैक तथा फूलों की घाटी में ब्रह्म कमल खिलना शुरू हो गया था। करीब 15,200 फीट की ऊंचाई पर स्थित हेमकुंड साहिब और आसपास के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में अब यह दुर्लभ पुष्प पूरी तरह खिल चुका है। हरियाली से आच्छादित पर्वतीय ढलानों के बीच सफेद रंग के ब्रह्म कमल का अनुपम दृश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर रहा है।

ब्रह्म कमल के संरक्षण की अपील

नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के उप वन संरक्षक अभिमन्यु ने कहा कि अगस्त माह में फूलों की घाटी और हेमकुंड साहिब ट्रैक पर ब्रह्म कमल का खिलना अत्यंत सुखद है। उन्होंने पर्यटकों से इस दुर्लभ पुष्प को किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचाने तथा क्षेत्र की स्वच्छता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्रह्म कमल को तोड़ने या क्षति पहुंचाने वालों के विरुद्ध वन्यजीव एवं वन संरक्षण नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।

पर्यटक कैमरों में कैद कर रहे प्राकृतिक सौंदर्य

स्थानीय गाइड एवं पर्यटन प्रेमी संजय कुंवर के अनुसार इन दिनों हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु एवं पर्यटक पहुंच रहे हैं। ब्रह्म कमल की दुर्लभ छटा को देखकर पर्यटक रोमांचित हैं और इस अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य को अपने कैमरों में कैद कर यादगार बना रहे हैं। मानसून के दौरान खिले रंग-बिरंगे पुष्पों के बीच ब्रह्म कमल की मौजूदगी ने घाटी की सुंदरता में चार चांद लगा दिए हैं।



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