विद्यार्थियों ने होली के लोकप्रिय गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर जीत सभी का दिल

काशीपुर(काशीपुर वार्ता)। नगर के सुप्रसिद्ध मास्टर इंटरनेशनल स्कूल में रंगों का पावन पर्व होली हर्षोल्लास और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर इस अवसर पर रंग-बिरंगे गुलाल, मधुर संगीत और बच्चों की खिलखिलाहट से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम में विद्यालय की प्रबंधिका शिल्पी गर्ग, प्रधानाचार्य डॉ. गौरव गर्ग, शिक्षकगण तथा विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर होली पर्व को यादगार बना दिया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय परिवार द्वारा विद्यार्थियों को होली के सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व की जानकारी देने से हुई। विद्यालय के सभागार को रंग-बिरंगी रंगोली, फूलों और आकर्षक होली सजावट से सजाया गया था, जिससे पूरा वातावरण उत्सवमय दिखाई दे रहा था। कार्यक्रम के दौरान नन्हे-मुन्ने बच्चों ने उत्साहपूर्वक विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों ने होली के लोकप्रिय गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर सभी का दिल जीत लिया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत “रंग बरसे” और अन्य होली गीतों पर सामूहिक नृत्य ने कार्यक्रम में आनंद और उत्साह का संचार कर दिया।
विद्यालय प्रशासन की ओर से इस अवसर पर “इको-फ्रेंडली होली” मनाने का विशेष संदेश भी दिया गया। विद्यार्थियों को रासायनिक रंगों के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया गया तथा प्राकृतिक रंगों के उपयोग के लिए प्रेरित किया गया। बच्चों ने एक-दूसरे को सूखे गुलाल से रंग लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और जल की अनावश्यक बर्बादी न करने का संकल्प भी लिया।
त्योहार समाज में प्रेम, शांति और आपसी सौहार्द को मजबूत करने का माध्यम: शिल्पी गर्ग

कशीपुर(काशीपुर वार्ता)। विद्यालय की प्रबंधिका शिल्पी गर्ग ने अपने संदेश में कहा कि होली का त्योहार केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि प्रेम, सौहार्द और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि त्योहार समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने का कार्य करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे होली को आपसी सम्मान और प्रेम के साथ मनाएं तथा प्रकृति के संरक्षण का भी ध्यान रखें। उन्होंने सभी को शांति, सद्भाव और खुशियों से भरी होली की शुभकामनाएं दीं।
त्योहार विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम: डॉ. गौरव गर्ग

कशीपुर(काशीपुर वार्ता)। प्रधानाचार्य डॉ. गौरव गर्ग ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा प्रदान करने का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कारों की पाठशाला भी है। ऐसे पर्व विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से जोड़ते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल होली खेलने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने कहा कि हमें अपने मन के सभी भेदभाव, ईर्ष्या और द्वेष को त्यागकर प्रेम और भाईचारे के साथ जीवन में आगे बढ़ना चाहिए।
