मास्टर इंटरनेशनल स्कूल में धूमधाम एवं हर्षोल्लास से मनाया गया हरेला पर्व

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजीं रंगारंग झलकियां, वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। मास्टर इंटरनेशनल स्कूल में आज बुधवार को उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला का आयोजन हर्षोल्लास एवं पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ किया गया। कार्यक्रम में आरोहण सामाजिक संस्थान की अध्यक्षा नीतू पोखरिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। विद्यालय परिवार ने उन्हें स्मृति-चिह्न स्वरूप पौधा भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद कक्षा छह के विद्यार्थियों तनिष्का रावत, आदित्य कृष्ण वर्मा, प्रज्ञा पटवाल एवं अनन्या घनसेला ने हरेला पर्व के महत्व पर प्रभावशाली विचार व्यक्त किए। विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उनकी प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह की खूब सराहना बटोरी। मुख्य अतिथि नीतू पोखरिया ने अपने संबोधन में हरेला पर्व के सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय महत्व पर प्रकाश डालते हुए बच्चों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा प्रकृति संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय परिसर में मुख्य अतिथि, विद्यालय परिवार और विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से वृक्षारोपण किया तथा पौधों की नियमित देखभाल करने और पर्यावरण को स्वच्छ एवं हरित बनाए रखने का संकल्प लिया। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं, कर्मचारीगण, अभिभावक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

हरेला प्रकृति संरक्षण और नैतिक मूल्यों का पर्व : डॉ. गौरव गर्ग

काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। मास्टर इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. गौरव गर्ग ने कहा कि हरेला केवल एक पारंपरिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प है। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी नियमित देखभाल करने तथा अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ, सुंदर और हरित बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने से बड़ों का सम्मान करना चाहिए और दूसरों की सफलता का उत्सव मनाना चाहिए। ईर्ष्या से दूर रहकर सहयोग, सद्भाव और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना ही जीवन की वास्तविक सफलता है। डॉ. गर्ग ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन बच्चों को अपनी लोक संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं तथा उनमें सामाजिक उत्तरदायित्व और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का विकास करते हैं।

हरेला हमारी संस्कृति और प्रकृति संरक्षण का प्रतीक : शिल्पी गर्ग

काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। मास्टर इंटरनेशनल स्कूल की प्रबंधिका शिल्पी गर्ग ने कहा कि हरेला पर्व हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्रकृति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, सामाजिक उत्तरदायित्व और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना है, ताकि वे जिम्मेदार और संस्कारवान नागरिक बन सकें। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन बच्चों को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक भी बनाते हैं। कार्यक्रम के समापन पर शिल्पी गर्ग ने मुख्य अतिथि, अभिभावकों, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया तथा हरेला पर्व के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने और अधिक से अधिक वृक्षारोपण के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

👁 1,010 Views

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *