धान की बेहतर पैदावार के लिए संतुलित उर्वरकों का प्रयोग जरूरी : नीरज डोभाल
काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। किसान विकास क्लब की मासिक बैठक मंगलवार सायं मुरादाबाद रोड स्थित अनाज मंडी काशीपुर के गेस्ट हाउस में क्लब के प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक का संचालन क्लब के संयुक्त सचिव अशोक कुमार शर्मा ने किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित इफको के अधिकारी नीरज डोभाल ने किसानों को धान की वैज्ञानिक खेती, संतुलित उर्वरक प्रबंधन तथा आधुनिक कृषि तकनीकों की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि बेहतर उत्पादन और भूमि की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए किसानों को परंपरागत खेती के साथ वैज्ञानिक सोच अपनानी होगी। नीरज डोभाल ने कहा कि धान की फसल में आवश्यकता के अनुरूप संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि अंधाधुंध रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित होती है, जबकि संतुलित पोषण से फसल अधिक स्वस्थ एवं उत्पादन बेहतर होता है।

नीरज डोभाल ने किसानों से अपील की कि आगामी धान की रोपाई में पारंपरिक डीएपी के स्थान पर इफको नैनो डीएपी का उपयोग जड़ शोध (रूट डिप) विधि से करें। इससे पौधों की जड़ों का बेहतर विकास होगा, उर्वरकों की खपत कम होगी, लागत घटेगी तथा पर्यावरण संरक्षण के साथ अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकेगा। बैठक में पूर्व जिला पंचायत सदस्य संजय रावल ने धान की फसल में लगने वाले फिजी वायरस (बौनापन रोग) से बचाव के प्रभावी उपाय बताए। उन्होंने कहा कि धान की पौध बोने के एक सप्ताह बाद से एक-एक सप्ताह के अंतराल पर तीन बार पौध एवं उसके चारों ओर छह से सात फीट तक तेला एवं माहू नियंत्रण के लिए उपयुक्त कीटनाशकों का छिड़काव किया जाए। उन्होंने बताया कि सर्जेंटा कंपनी की ‘चैस’ अथवा पीआई कंपनी के डायनोटेफ्यूरान आधारित कीटनाशक का प्रयोग करने से फिजी वायरस फैलाने वाले कीटों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है, जिससे किसानों को उत्पादन में होने वाले नुकसान से बचाया जा सकेगा।

बैठक के अंत में किसान विकास क्लब के प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार शर्मा ने मुख्य अतिथि नीरज डोभाल सहित सभी किसानों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी जागरूकता बैठकों से किसानों को नई कृषि तकनीकों की जानकारी मिलती है, जिससे वे आधुनिक एवं लाभकारी खेती की ओर अग्रसर होते हैं। इस अवसर पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख रवि कुमार, सत्यपाल सिंह चौहान, सुभाष चौहान, टीका सिंह सैनी, लक्ष्मीकांत शर्मा, सुरेंद्र सिंह चौहान, अपूर्व मेहरोत्रा, सरदार अनूप सिंह, संदीप चतुर्वेदी, वेद प्रकाश शर्मा, देवी सिंह यादव, उपेंद्र शर्मा, अनूप सिंह, सरफराज हुसैन, अजय कपूर सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।




