ग्लोबल इंस्टीट्यूट में ‘साइंस ऑफ स्पिरिचुअलिटी’ पर कार्यशाला आयोजित

विद्यार्थियों को ध्यान, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ निरंतर मेहनत करने के लिए किया प्रेरित

काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। जसपुर रोड स्थित ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च में ‘साइंस ऑफ स्पिरिचुअलिटी’ (आध्यात्मिकता का विज्ञान) विषय पर प्रेरणादायक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विद्यार्थियों को ध्यान, अनुशासन, सकारात्मक सोच और निरंतर मेहनत के महत्व से अवगत कराया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के डायरेक्टर डॉ. दीपक तेवतिया ने प्रमुख वक्ता सुषमा लुथरा का स्वागत कर किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सरफराज अहमद ने किया। डॉ. तेवतिया ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में शिक्षा के साथ मानसिक संतुलन और सकारात्मक सोच भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने तथा उन्हें अपने लक्ष्यों के प्रति प्रेरित करने में सहायक होते हैं। प्रमुख वक्ता सुषमा लुथरा ने विद्यार्थियों को नियमित मेडिटेशन, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सफलता को केवल भौतिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं किया जा सकता। मानसिक शांति, आत्मिक संतुलन और सकारात्मक विचार भी जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता को केवल धार्मिक दृष्टिकोण से देखने के बजाय जीवन को बेहतर ढंग से समझने के माध्यम के रूप में भी देखा जा सकता है। इससे सकारात्मक सोच विकसित करने, निर्णय लेने और जीवन में संतुलन बनाए रखने में सहायता मिल सकती है। कार्यक्रम के अंत में विभागाध्यक्ष डॉ. सिसिर नंदी ने अतिथियों, वक्ता, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को विकसित करने में उपयोगी हैं। कार्यक्रम के व्यवस्थापक डॉ. नरेश कुमार रहे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मोहित कुमार, मोहित प्रजापति, दिव्या प्रजापति, राधिका, दीपा, श्रेया, अमनदीप सिंह और लवी ने सहयोग किया। इस अवसर पर महविश जमाल, मुनीर आलम, हर्ष शारदा, अभीतुल पचौरी, मीनल ठाकुर, शाहनूर, आसिया सिद्दीकी, साकिब, मनु धीमान, राधा, बुशरा सहित संस्थान के छात्र-छात्राएं एवं स्टाफ मौजूद रहा।

विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में आध्यात्मिकता और सकारात्मक सोच जरूरी : डॉ. दीपक तेवतिया

काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च के डायरेक्टर डॉ. दीपक तेवतिया ने कहा कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शैक्षणिक ज्ञान के साथ मानसिक शांति, अनुशासन और सकारात्मक सोच भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में विद्यार्थियों पर पढ़ाई और करियर को लेकर विभिन्न प्रकार का दबाव रहता है। ऐसे में ध्यान और आत्मचिंतन उन्हें अपने विचारों को व्यवस्थित करने तथा एकाग्रता बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सफलता किसी एक दिन की उपलब्धि नहीं, बल्कि निरंतर प्रयास, अनुशासन और सही दिशा में मेहनत का परिणाम होती है। विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर पूरी निष्ठा के साथ उन्हें हासिल करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ उन्हें जिम्मेदार, आत्मविश्वासी और सकारात्मक सोच रखने वाला व्यक्तित्व बनाना भी है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

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