कृषि वैज्ञानिक ने खेती की आधुनिक तकनीकों की दी जानकारी, क्लब अध्यक्ष ने वर्ग-1(ख) की भूमि पर किसानों को मालिकाना हक देने की उठाई मांग
काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। किसान विकास क्लब की मासिक बैठक गत दिवस गुरुवार को अनाज मंडी काशीपुर स्थित गेस्ट हाउस में प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक का संचालन श्वेतांशु चतुर्वेदी ने किया। इस दौरान किसानों की खेती से जुड़ी समस्याओं, फसल सुरक्षा तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अनिल चंद्रा ने किसानों को खेती के दौरान आने वाली विभिन्न समस्याओं के निदान के लिए उपयोगी सुझाव दिए। उन्होंने फसलों में रोग एवं कीट प्रबंधन के साथ ही आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने हवाई जहाज में ईंधन के रूप में उपयोग होने वाली कमोलिन की फसल के संबंध में भी किसानों को विस्तृत जानकारी दी और इसके संभावित उपयोग एवं उत्पादन से जुड़े पहलुओं से अवगत कराया।
बैठक में जापानी पेस्टिसाइड कंपनी इंडिया लिमिटेड के रीजनल सेल्स मैनेजर मनीष चौधरी, मार्केटिंग मैनेजर सुभाष चंद्र, टेरिटरी सेल्स मैनेजर सुनील कुमार तथा सेल्स ऑफिसर राजन सिंह ने धान की फसल में होने वाले रोगों एवं कीटों से बचाव के संबंध में किसानों को जानकारी दी। उन्होंने फसल की स्थिति के अनुसार कीट एवं रोग नियंत्रण के उपाय बताए। कंपनी प्रतिनिधियों ने हॉपर के लिए ड्यूट, पत्ता लपेट के लिए कताना, शीट ब्लाइट के लिए शान व शैडो तथा लाल बाली के लिए आर्चबु के उपयोग की जानकारी दी। प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार शर्मा ने सरकार से वर्ग-1(ख) की भूमि पर काबिज किसानों को शीघ्र मालिकाना हक दिए जाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि इससे संबंधित किसानों को भूमि अधिकार मिलने के साथ उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान हो सकेगा। बैठक में रवि कुमार डोगरा, टीका सिंह सैनी, सुभाष चौधरी, लक्ष्मीकांत शर्मा, तेजवीर सिंह, अर्जुन सिंह, रवि छाबड़ा, अजय कपूर, सत्यम शर्मा सहित अन्य किसान एवं क्लब पदाधिकारी मौजूद रहे।



