कान, नाक व गले की समस्याओं को नजरअंदाज न करने की दी सलाह, ईयरफोन व मोबाइल के अत्यधिक इस्तेमाल को लेकर किया सचेत
काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। ज्ञानार्थी कॉलेज में विद्यार्थियों को कान, नाक एवं गले से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष ईएनटी (कान, नाक एवं गला) वर्कशॉप का आयोजन किया गया। वर्कशॉप में केवीआर हॉस्पिटल के ईएनटी विभाग की हेड डॉ. नैना अग्रवाल ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। डॉ. नैना अग्रवाल ने विद्यार्थियों को कान, नाक एवं गले से जुड़ी सामान्य से लेकर गंभीर समस्याओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन अंगों से संबंधित किसी भी परेशानी को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। समय रहते विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेने से कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव संभव है। उन्होंने व्यक्तिगत स्वच्छता, संतुलित जीवनशैली और स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने को आवश्यक बताया। वर्कशॉप के दौरान डॉ. अग्रवाल ने बदलती जीवनशैली, मोबाइल फोन एवं ईयरफोन के अत्यधिक इस्तेमाल तथा स्वास्थ्य के प्रति बरती जाने वाली लापरवाही से होने वाली संभावित समस्याओं के प्रति भी विद्यार्थियों को सचेत किया। विद्यार्थियों ने वर्कशॉप में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए ईएनटी से जुड़े विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे, जिनका डॉ. अग्रवाल ने सरल एवं व्यावहारिक तरीके से समाधान किया। कॉलेज के चेयरमैन संतोष मेहरोत्रा, सचिव शिवानी मेहरोत्रा, इंस्टिट्यूशनल हेड प्रतिमा सिंह, रजिस्ट्रार सतीश कांडपाल समेत शिक्षकों एवं स्टाफ ने भी वर्कशॉप को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताते हुए डॉ. नैना अग्रवाल का स्वागत किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में कॉलेज के शिक्षकों एवं स्टाफ का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। अंत में कॉलेज प्रबंधन एवं स्टाफ ने डॉ. नैना अग्रवाल का आभार व्यक्त किया।
शिक्षा के साथ स्वास्थ्य जागरूकता भी जरूरी: अकेडमिंक डॉयरेक्टर डॉ. मनोज मिश्रा
काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। ज्ञानार्थी कॉलेज में आयोजित ईएनटी वर्कशॉप के दौरान कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. मनोज मिश्रा ने ईएनटी विभाग की हेड डॉ. नैना अग्रवाल का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बेहद आवश्यक है। स्वस्थ विद्यार्थी ही शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर समाज और राष्ट्र के विकास में प्रभावी योगदान दे सकते हैं। डॉ. मिश्रा ने कहा कि स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से सीधे संवाद करने और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण एवं व्यावहारिक जानकारी हासिल करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहते हुए किसी भी समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कॉलेज में भविष्य में भी विद्यार्थियों के हित में इस प्रकार की जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाती रहेंगी।




