महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और सशक्तिकरण पर हुआ संवाद

काशीपुर (काशीपुर वार्ता)। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर श्रीराम संस्थान, काशीपुर में एक भव्य एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सीएमएस काशीपुर डॉ. एसके दीक्षित, प्राइम हॉस्पिटल काशीपुर की ऑब्स्टेट्रिशियन एवं गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. सुधा पाटनी, अनंत हेल्थ केयर काशीपुर की गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. विभा मेहरोत्रा, श्रीराम संस्थान के अध्यक्ष रविंद्र कुमार, निदेशक एवं प्रोफेसर डॉ. योग राज सिंह तथा प्राचार्य डॉ. एसएस कुशवाहा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम दो चरणों में संपन्न हुआ। पहले चरण में संस्थान की टीम द्वारा निकटवर्ती प्रतापपुर गांव में जागरूकता अभियान चलाया गया, जहां ग्रामीण महिलाओं के साथ संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए। दूसरे चरण में श्रीराम संस्थान परिसर में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और क्षेत्र की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण, शिक्षा, आत्मविश्वास और महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारियां देते हुए उन्हें नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार और स्वच्छ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी।
मुख्य अतिथि डॉ. एसके दीक्षित ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी समाज के विकास का आधार महिलाओं की भागीदारी और उनकी सशक्त स्थिति पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, प्रशासन, विज्ञान, खेल और व्यवसाय सहित लगभग हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। इसके बावजूद समाज में कई चुनौतियां अब भी मौजूद हैं, जिन्हें दूर करने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। प्राइम हॉस्पिटल काशीपुर की प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधा पाटनी ने महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, समय-समय पर चिकित्सकीय जांच कराने तथा संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं का स्वस्थ रहना परिवार और समाज दोनों के लिए अत्यंत आवश्यक है। अनंत हेल्थ केयर काशीपुर की गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. विभा मेहरोत्रा ने महिलाओं को मातृ स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण के महत्व के बारे में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि सही जानकारी और जागरूकता से महिलाएं कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बच सकती हैं। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और समाज में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए भी प्रेरित किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने यह भी कहा कि आज भी समाज में घरेलू हिंसा, लैंगिक भेदभाव, शिक्षा में असमानता, दहेज प्रथा और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियां मौजूद हैं। इन समस्याओं को समाप्त करने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करना होगा। महिला सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ महिलाओं को शिक्षा, रोजगार, निर्णय लेने का अधिकार और स्वतंत्रता प्रदान करना है, ताकि वे अपने जीवन को आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ जी सकें।

कार्यक्रम का सफल समन्वयन डॉ. गुलनाज सिद्दीकी द्वारा किया गया, जबकि संचालन एमबीए अंतिम वर्ष की छात्राओं शिवानी अधिकारी और रमनदीप कौर ने प्रभावी ढंग से किया। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने भी महिला सशक्तिकरण से जुड़े विचार साझा किए और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष रविंद्र कुमार, निदेशक एवं प्रोफेसर डॉ. योग राज सिंह, प्राचार्य डॉ. एसएस कुशवाहा सहित संस्थान के सभी प्रवक्ता, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने महिलाओं के सम्मान, समानता और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
महिलाओं के अधिकार और समानता के प्रति जागरूकता जरूरी: रविंद्र कुमार

कशीपुर(काशीपुर वार्ता)। संस्थान के अध्यक्ष रविंद्र कुमार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हर वर्ष 8 मार्च को मनाया जाता है। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों, सम्मान और समानता के प्रति समाज को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि यह दिन महिलाओं के संघर्ष, उपलब्धियों और समाज में उनके महत्वपूर्ण योगदान को सम्मान देने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का परिचय दिया है। शिक्षा, राजनीति, विज्ञान, खेल और सामाजिक कार्यों सहित विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर देश और समाज का नाम रोशन किया है। आज महिलाएं नेतृत्व की भूमिकाओं में भी आगे बढ़ रही हैं और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन रही हैं। रविंद्र कुमार ने कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए महिलाओं को समान अवसर, सम्मान और सुरक्षा प्रदान करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब तक महिलाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और निर्णय लेने का अधिकार नहीं मिलेगा, तब तक वास्तविक समानता संभव नहीं है। उन्होंने सभी से महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और उनके सम्मान व सशक्तिकरण के लिए मिलकर प्रयास करने का आह्वान किया।
महिला सशक्तिकरण से ही सशक्त होगा समाज : डॉ. एसएस कुशवाहा

कशीपुर(काशीपुर वार्ता)। संस्थान के प्राचार्य डॉ. एसएस कुशवाहा ने कहा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं की गरिमा, अधिकार और समानता के प्रति जागरूकता का महत्वपूर्ण अवसर है। आज महिलाएं शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, खेल और व्यवसाय सहित हर क्षेत्र में अपनी क्षमता और नेतृत्व का परिचय दे रही हैं। इसके बावजूद समाज में अभी भी कई चुनौतियां मौजूद हैं, जिन्हें दूर करने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। नारी शक्ति समाज की आधारशिला है। जब महिलाएं शिक्षित, आत्मनिर्भर और सशक्त होंगी तभी परिवार, समाज और राष्ट्र का समग्र विकास संभव होगा। हमें महिलाओं को सम्मान, समान अवसर और सुरक्षित वातावरण प्रदान करना चाहिए, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें। महिला सशक्तिकरण ही एक समतामूलक और प्रगतिशील समाज की सबसे मजबूत नींव है।
नारी सृष्टि का आधार, सम्मान और शिक्षा जरूरी: डॉ. योग राज सिंह

कशीपुर(काशीपुर वार्ता)। संस्थान के निदेशक एवं प्रोफेसर डॉ. योग राज सिंह तथा प्राचार्य डॉ. एसएस कुशवाहा ने अपने संबोधन में कहा कि नारी केवल एक शब्द नहीं, बल्कि संपूर्ण सृष्टि का आधार है। उन्होंने कहा कि नारी जीवनदायिनी है और प्रेम व ममता की प्रतिमूर्ति होने के साथ परिवार और समाज को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण शक्ति है। भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति, त्याग और करुणा का स्वरूप माना गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज को सशक्त और समृद्ध बनाने के लिए महिलाओं को शिक्षा, अवसर और सम्मान देना अत्यंत आवश्यक है। महिला सशक्तिकरण से ही समाज और राष्ट्र का समग्र विकास संभव है।
महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए जागरूकता जरूरी: अमृता अग्रवाल

कशीपुर(काशीपुर वार्ता)। श्रीराम संस्थान की वरिष्ठ एचआर प्रबंधक अमृता अग्रवाल ने बताया कि संस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई और उन्हें अपने अधिकारों व क्षमताओं के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने ने कहा कि जागरूकता ही महिलाओं के सशक्तिकरण की पहली सीढ़ी है। और ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन महिलाओं और बालिकाओं के लिए उपयोगी है। कहा कि ऐसी पहल समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक होती हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम के आयोजन का भरोसा दिया।
