काशीपुर के सुप्रसिद्ध मास्टर इंटरनेशनल स्कूल में धूमधाम से मनाया गया वैशाखी पर्व

नन्हें बच्चो की रंगारंग प्रस्तुतियों, भांगड़ा-गिद्धा और पारंपरिक परिधानों ने बांधा समां

काशीपुर (काशीपुर वार्ता)। मास्टर इंटरनेशनल स्कूल में वैशाखी पर्व पूरे उत्साह, उल्लास और पारंपरिक रंगों के साथ बड़े ही भव्य तरीके से मनाया गया। विद्यालय परिसर को आकर्षक सजावट से सजाया गया था, जिससे चारों ओर पर्व का माहौल दिखाई दे रहा था। इस विशेष अवसर पर प्री-नर्सरी से लेकर यूकेजी तक के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से सभी का दिल जीत लिया।।कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों की रंगारंग प्रस्तुतियों से हुई, जिसमें उन्होंने रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में पंजाबी संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की। छोटे-छोटे बच्चों ने भांगड़ा और गिद्दा जैसे लोकनृत्यों पर शानदार प्रदर्शन किया। उनकी मासूम अदाएं, उत्साह और आत्मविश्वास ने उपस्थित सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।

विद्यालय की प्रधानाचार्या दीपिका अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि वैशाखी केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों को अपनी जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बच्चों की प्रतिभा और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में उनका मंच पर प्रदर्शन अत्यंत प्रशंसनीय है। साथ ही उन्होंने अभिभावकों का भी आभार व्यक्त किया, जो बच्चों को हर गतिविधि में प्रोत्साहित करते हैं।

विद्यालय की प्रबंधिका शिल्पी गर्ग ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने बताया कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को उजागर करने का एक प्रभावी माध्यम होते हैं। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता के लिए शिक्षकों की मेहनत और समर्पण की विशेष रूप से सराहना की।

विद्यालय के चेयरमैन डॉ. गौरव गर्ग ने अपने संबोधन में वैशाखी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व हमें मेहनत, समर्पण और खुशहाली का संदेश देता है। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास, अनुशासन और सकारात्मक सोच अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने पूरे विद्यालय परिवार को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने गीत और नृत्य के माध्यम से वैशाखी के महत्व को भी प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। समग्र रूप से यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक बना, बल्कि बच्चों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव भी साबित हुआ। यह कार्यक्रम विद्यालय के उत्कृष्ट प्रबंधन, शिक्षकों के समर्पण और बच्चों की प्रतिभा का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करता है।

 

 

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