हरेला पर्व पर ज्ञानार्थी कॉलेज में पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

चेयरमैन संतोष मेहरोत्रा समेत शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने लगाए पौधे, हरियाली बढ़ाने का दिया संदेश

काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति के प्रति आस्था के प्रतीक हरेला पर्व के अवसर पर ज्ञानार्थी कॉलेज में गुरुवार को उत्साह और हर्षोल्लास के साथ पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज प्रबंधन, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण तथा हरियाली बढ़ाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर कॉलेज सचिव शिवानी मेहरोत्रा ने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला लोकपर्व है। बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के दौर में प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनका संरक्षण करना चाहिए। उन्होंने सभी से अपने आसपास हरियाली बढ़ाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कॉलेज परिसर में आयोजित पौधारोपण अभियान के दौरान सभी प्रतिभागियों ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का भी संकल्प लिया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए प्रकृति से जुड़ने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर कॉलेज के चेयरमैन संतोष मेहरोत्रा, सचिव शिवानी मेहरोत्रा, इंस्टिट्यूशनल हेड प्रतिमा सिंह, अकेडमिक डायरेक्टर डॉ. मनोज मिश्रा, रजिस्ट्रार सतीश कांडपाल सहित कॉलेज का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता से ओतप्रोत रहा।

प्रकृति सुरक्षित रहेगी, तभी हमारा भविष्य भी सुरक्षित होगा : संतोष मेहरोत्रा

कशीपुर (कशीपुर वार्ता)। कॉलेज के चेयरमैन संतोष मेहरोत्रा ने कहा कि हरेला उत्तराखंड की संस्कृति, प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक पर्व है। यह हमें पेड़ों और प्रकृति के साथ अपने अटूट संबंध को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। आज जब जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण प्रदूषण जैसी चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं, तब प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह अधिक से अधिक पौधे लगाए और उनके संरक्षण का संकल्प भी ले। केवल पौधारोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक उनकी देखभाल करना भी हमारी जिम्मेदारी है। ज्ञानार्थी कॉलेज हमेशा सामाजिक सरोकारों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। मैं सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम नागरिकों से आग्रह करता हूं कि वे हरेला पर्व के संदेश को अपने जीवन में अपनाएं तथा अपने आसपास हरियाली बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। प्रकृति सुरक्षित रहेगी, तभी हमारा भविष्य भी सुरक्षित और समृद्ध होगा।

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