उत्तराखंड शासन ने अनियमितताओं पर आयुष्मान सुविधा से किया बाहर
हल्द्वानी (कशीपुर वार्ता)। कुमाऊं मंडल के गंभीर बीमार मरीजों के लिए परेशान करने वाली खबर है। बरेली के भोजीपुरा स्थित श्री राम मूर्ति स्मारक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसआरएमएस आईएमएस) में उत्तराखंड की आयुष्मान कार्ड योजना के तहत मिलने वाला निशुल्क इलाज बंद कर दिया गया है। उत्तराखंड सरकार ने अस्पताल में अनियमितताओं की बात कहते हुए इसे अपने आयुष्मान के पैनल से बाहर कर दिया है। शासन की इस कार्रवाई से कुमाऊं के गंभीर बीमार मरीजों के सामने इलाज का संकट खड़ा हो गया है। दो हफ्ते पहले जारी हुआ था नोटिस विभागीय सूत्रों के अनुसार, उत्तराखंड शासन ने करीब दो हफ्ते पहले ही अस्पताल प्रबंधन को गड़बड़ियों के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया था। नियमितताओं की पुष्टि होने के बाद सरकार ने अस्पताल को पैनल से हटा दिया। रोजाना बड़ी संख्या में गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बरेली के राममूर्ति अस्पताल रेफर किया जाता है। राममूर्ति अस्पताल प्रबंधन के अनुसार कुमाऊं क्षेत्र से हर दिन करीब 20 से अधिक बेहद गंभीर मरीज इस अस्पताल में मुफ्त इलाज के लिए जाते थे। इनमें सबसे ज्यादा मरीज हृदय रोग (हार्ट), न्यूरो, कैंसर और किडनी जैसी जानलेवा बीमारियों से ग्रसित होते हैं। अब दिल्ली और ऋषिकेश का सहारा राममूर्ति अस्पताल में आयुष्मान सेवा बंद होने के बाद अब आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के पास बेहद सीमित विकल्प बचे हैं।अब गंभीर मरीजों को (सुपर स्पेशियलिटी इलाज) के लिए या तो देश की राजधानी दिल्ली का रुख करना होगा या फिर एम्स ऋषिकेश के चक्कर काटने होंगे। लंबी दूरी और रेफरल की इस भागदौड़ के कारण मरीजों की जान पर जोखिम और तीमारदारों पर आर्थिक बोझ दोनों बढ़ना तय है।
करीब दो हफ्ते पहले उत्तराखंड शासन ने अनियमितताओं की बात कहते हुए एसआरएमएस अस्पताल को आयुष्मान कार्ड के पैनल से हटा दिया है।
-सुनील चन्द्रा, मैनेजर, एसआरएमएस आईएमएस, बरेली।




