ब्रिलियंट बायो फार्मा की पहल से 50 पालतू कुत्तों और बिल्लियों को लगाया गया रैबीज टीका
काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। विश्व ज़ूनोसिस दिवस के अवसर पर राजकीय पशु चिकित्सालय, काशीपुर में ब्रिलियंट बायो फार्मा, हैदराबाद (तेलंगाना) के सहयोग से निशुल्क रैबीज टीकाकरण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्र के करीब 50 पालतू कुत्तों और बिल्लियों को निशुल्क रैबीज वैक्सीन लगाई गई। इस दौरान पशुपालकों को रैबीज जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव तथा समय-समय पर टीकाकरण कराने के महत्व की भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में कंपनी के दवा प्रतिनिधि आसिफ खान ने बताया कि ब्रिलियंट बायो फार्मा पशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी जैव-फार्मास्युटिकल कंपनी है, जो गाय, भैंस, भेड़, बकरी, कुत्तों सहित विभिन्न पशुओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाले टीके, दवाएं एवं पशु आहार का निर्माण करती है। उन्होंने कहा कि कंपनी समय-समय पर सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए इस प्रकार के जनहितकारी स्वास्थ्य शिविर आयोजित करती है, ताकि पशुओं के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य की भी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। शिविर में पहुंचे पशु पालकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि निशुल्क टीकाकरण अभियान से लोगों को आर्थिक राहत मिलने के साथ ही अपने पालतू पशुओं को गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने का अवसर मिला है। गौरतलब है कि विश्व ज़ूनोसिस दिवस प्रत्येक वर्ष 6 जुलाई को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य जानवरों से मनुष्यों में फैलने वाली संक्रामक बीमारियों (ज़ूनोटिक रोगों) के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा समय पर टीकाकरण, स्वच्छता और सतर्कता अपनाकर इन बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रेरित करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि रैबीज जैसी घातक बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय समय पर टीकाकरण और जनजागरूकता है। इस अवसर पर पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश कुमार, सूरज पाल रावत, रजीत कुमार सहित राजकीय पशु चिकित्सालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहा और उन्होंने टीकाकरण अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
विश्व ज़ूनोसिस दिवस पर जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव : डॉ. मुकेश कुमार
काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। विश्व ज़ूनोसिस दिवस के अवसर पर पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश कुमार ने कहा कि जानवरों से मनुष्यों में फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए समय पर टीकाकरण और जनजागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि रैबीज एक जानलेवा लेकिन पूरी तरह से रोकी जा सकने वाली बीमारी है। यदि पालतू कुत्तों और बिल्लियों का नियमित टीकाकरण कराया जाए तो इस बीमारी के खतरे को काफी हद तक समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि वे अपने पालतू पशुओं का निर्धारित समय पर रैबीज टीकाकरण अवश्य कराएं और किसी भी पशु के असामान्य व्यवहार की स्थिति में तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें। डॉ. मुकेश कुमार ने ब्रिलियंट बायो फार्मा द्वारा आयोजित निशुल्क रैबीज टीकाकरण शिविर की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अभियान पशु एवं मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा के साथ समाज में जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।






