पोस्टकार्ड लिखकर परिजनों को भेजे संदेश, विद्यार्थियों ने समझी स्पीड पोस्ट, पार्सल और डाकघर की बचत योजनाओं की कार्यप्रणाली
काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। एक ओंकार ग्लोबल अकादमी के छात्र-छात्राओं ने शैक्षणिक भ्रमण के तहत मुख्य बाजार स्थित मुख्य डाकघर का भ्रमण कर डाक विभाग की कार्यप्रणाली और विभिन्न बचत योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को सरकारी संस्थानों की कार्यप्रणाली से परिचित कराना तथा उनमें व्यावहारिक ज्ञान का विकास करना था। भ्रमण के दौरान डाकघर के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को पत्र, पोस्टकार्ड, अंतर्देशीय पत्र, स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री, पार्सल एवं अन्य डाक सेवाओं की पूरी प्रक्रिया समझाई। विद्यार्थियों को बताया गया कि डाक विभाग देश के दूरस्थ क्षेत्रों तक संदेश और पार्सल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है तथा आज भी करोड़ों लोगों के लिए विश्वसनीय संचार माध्यम बना हुआ है। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को डाकघर की विभिन्न बचत योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि डाकघर में बचत खाता, आवर्ती जमा (आरडी), सावधि जमा (टीडी), मासिक आय योजना (एमआईएस), पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ), सुकन्या समृद्धि योजना, राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) सहित कई सुरक्षित निवेश योजनाएं संचालित की जाती हैं। इन योजनाओं के माध्यम से लोग नियमित बचत कर भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बना सकते हैं। विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि डाकघर की योजनाएं सरकारी सुरक्षा के कारण आम नागरिकों के बीच काफी भरोसेमंद मानी जाती हैं। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने अपने सखा-संबंधियों एवं परिजनों के नाम पोस्टकार्ड लिखे और उन्हें डाक के माध्यम से प्रेषित भी किया। इस गतिविधि ने बच्चों को पारंपरिक पत्र लेखन की उपयोगिता और डाक सेवा के महत्व से व्यावहारिक रूप से परिचित कराया। अभिभावकों ने विद्यालय प्रबन्धक के प्रयासों की सराहना इस अवसर पर प्रधानाचार्य जॉनसन समेत शिक्षकगण मौजूद रहे।
व्यावहारिक शिक्षा से ही बनता है विद्यार्थियों का सर्वांगीण व्यक्तित्व : सुखविंदर सिंह
काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। एक ओंकार ग्लोबल अकादमी के चेयरमैन सुखविंदर सिंह ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में विद्यार्थियों के लिए केवल पुस्तकीय ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें व्यवहारिक अनुभवों से जोड़ना भी उतना ही आवश्यक है। इसी उद्देश्य से विद्यालय समय-समय पर शैक्षणिक भ्रमण और ज्ञानवर्धक गतिविधियों का आयोजन करता है, ताकि बच्चे विभिन्न सरकारी एवं सामाजिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझ सकें। उन्होंने कहा कि मुख्य डाकघर का भ्रमण विद्यार्थियों के लिए एक यादगार और उपयोगी अनुभव रहा। इससे बच्चों को डाक विभाग की सेवाओं, पारंपरिक पत्राचार की उपयोगिता तथा विभिन्न बचत योजनाओं की जानकारी व्यावहारिक रूप से मिली। इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों में जिज्ञासा, आत्मविश्वास और सीखने की भावना को प्रोत्साहित करते हैं। सुखविंदर सिंह ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना भी है। भविष्य में भी अकादमी ऐसे शैक्षणिक भ्रमण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी, ताकि विद्यार्थी ज्ञान के साथ जीवनोपयोगी अनुभव भी प्राप्त कर सकें और एक जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनें।






