सीबीएसई की जिला स्तरीय कम्प्यूटेशनल थिंकिंग एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विचार-विमर्श कार्यशाला का सफल आयोजन

कृष्णा पब्लिक कॉलेजिएट में आठ विद्यालयों ने प्रस्तुत किए दस नवाचारी केस पेपर

काशीपुर (कशीपुर वार्ता), 24 जुलाई। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा विद्यालयी शिक्षा में कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (सीटी) एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के प्रभावी क्रियान्वयन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृष्णा पब्लिक कॉलेजिएट, काशीपुर में जिला स्तरीय विचार-विमर्श (डिस्ट्रिक्ट लेवल डिलिबरेशन – डीएलडी) का सफल आयोजन किया गया। सीबीएसई द्वारा नामित लीड स्कूल के रूप में आयोजित इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्यक्रम में ऊधम सिंह नगर जनपद के आठ सीबीएसई विद्यालयों ने सहभागिता करते हुए दस शोधाधारित कक्षा-अध्ययन (केस पेपर) प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को एक ऐसा शैक्षणिक मंच उपलब्ध कराना था, जहाँ वे अपने वास्तविक कक्षा-अनुभवों, नवाचारी शिक्षण पद्धतियों तथा विद्यार्थियों के अधिगम पर आधारित प्रमाणिक अनुभवों को साझा कर सकें। प्रस्तुत केस पेपरों में कम्प्यूटेशनल थिंकिंग एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को दैनिक शिक्षण प्रक्रिया में गतिविधि-आधारित, दक्षतामूलक एवं विद्यार्थी-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ समाहित करने के प्रभावी प्रयासों को प्रदर्शित किया गया। शिक्षकों ने समस्या समाधान, तार्किक चिंतन, रचनात्मकता, अंतर्विषयी शिक्षण तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उत्तरदायित्वपूर्ण उपयोग जैसे विषयों पर अपने नवाचार साझा किए।

कार्यक्रम के दौरान सभी केस पेपरों पर विस्तृत शैक्षणिक विचार-विमर्श किया गया। प्रतिभागी शिक्षकों ने एक-दूसरे के अनुभवों से सीखते हुए प्रभावी शिक्षण पद्धतियों पर चर्चा की तथा विद्यालयी शिक्षा में भविष्य उन्मुख कौशलों के समावेशन पर अपने विचार साझा किए। इस विचार-विमर्श का उद्देश्य केवल प्रस्तुतियों का मूल्यांकन करना नहीं, बल्कि सहयोगात्मक अधिगम, चिंतनशील शिक्षण एवं व्यावसायिक विकास की संस्कृति को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम का मूल्यांकन एवं शैक्षणिक मार्गदर्शन प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल द्वारा किया गया, जिसमें ओरिसन स्कोलास्टिका के प्रधानाचार्य पीटर मार्शल, श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, काशीपुर के सहायक प्राध्यापक पंकज तिवारी तथा विज़न वैली स्कूल के , कंप्यूटर विज्ञान के विभागाध्यक्ष अमित कुमार शर्मा शामिल रहे। निर्णायक मंडल ने सीबीएसई के निर्धारित मानकों के अनुरूप सभी केस पेपरों का मूल्यांकन करते हुए प्रतिभागी शिक्षकों को रचनात्मक सुझाव प्रदान किए तथा विद्यालयों में हो रहे नवाचारी प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में सभी सहभागी विद्यालयों ने कम्प्यूटेशनल थिंकिंग एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित शिक्षण को विद्यालयों में और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने, नवाचारी शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने तथा सहयोगात्मक अधिगम की संस्कृति को सशक्त बनाने का संकल्प लिया। यह आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तथा सीबीएसई की भविष्य उन्मुख, दक्षतामूलक एवं विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी पहल सिद्ध हुआ।

शैक्षणिक नवाचार से ही शिक्षा बनेगी प्रभावी और भविष्य उन्मुख : प्रतीक गोयल

काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। कृष्णा पब्लिक कॉलेजिएट के प्रधानाचार्य प्रतीक गोयल ने कहा कि जिला स्तरीय विचार-विमर्श कार्यक्रम शिक्षकों के लिए केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि सीखने, अनुभव साझा करने और नवीन शिक्षण पद्धतियों पर चिंतन का सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि प्रस्तुत केस पेपरों से यह स्पष्ट हुआ है कि कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को नियमित कक्षा शिक्षण में गतिविधि आधारित एवं परियोजना आधारित शिक्षण के माध्यम से प्रभावी ढंग से शामिल किया जा सकता है। उन्होंने सीबीएसई क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई), देहरादून तथा संयुक्त निदेशक मनीष त्यागी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय को लीड स्कूल के रूप में चयनित किया जाना पूरे विद्यालय परिवार के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह अवसर शिक्षकों के सतत व्यावसायिक विकास, शैक्षणिक नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

शिक्षा का उद्देश्य नवाचार और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना : डॉ. अनिल कुमार सक्सेना

काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। कृष्णा पब्लिक कॉलेजिएट के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार सक्सेना ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा का दायरा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रह गया है। विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, रचनात्मकता, नवाचार, समस्या समाधान की क्षमता तथा तकनीक के जिम्मेदार उपयोग का विकास करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण और कौशल आधारित शिक्षा ही विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर सकती है। उन्होंने कहा कि सीबीएसई द्वारा कृष्णा पब्लिक कॉलेजिएट को लीड स्कूल के रूप में इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल की मेजबानी का अवसर मिलना विद्यालय के लिए गौरव की बात है। इसके लिए उन्होंने सीबीएसई क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) देहरादून तथा संयुक्त निदेशक मनीष त्यागी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह अवसर विद्यालय को भविष्य में भी शिक्षक क्षमता संवर्धन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए प्रेरित करता रहेगा।

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