वरिष्ठ व युवा रचनाकारों ने कविता पाठ से बांधा समां, श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से किया उत्साहवर्धन
काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। साहित्यिक संस्था साहित्य दर्पण की मासिक काव्य संध्या में शहर के वरिष्ठ एवं युवा रचनाकारों ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं का पाठ कर साहित्यप्रेमियों को भावविभोर कर दिया। कविता, गीत और भावपूर्ण अभिव्यक्तियों से सजी इस संध्या में साहित्यिक सरोकारों, सामाजिक संवेदनाओं और मानवीय मूल्यों से ओतप्रोत रचनाओं ने उपस्थित श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया। रविवार देर शाम बाजपुर रोड स्थित कृष्णा कॉलोनी में सीए सुभाष चंद्र अग्रवाल के आवास पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. यशपाल सिंह रावत ने की, जबकि संचालन कवि ओम शरण आर्य ‘चंचल’ ने प्रभावी एवं रोचक शैली में किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके उपरांत डॉ. सुरेंद्र भारद्वाज ने मधुर स्वर में सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय एवं साहित्यिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। काव्य गोष्ठी में जितेंद्र कुमार कटियार, कैलाश चंद्र यादव, सीए सुभाष चंद्र अग्रवाल तथा डॉ. यशपाल सिंह रावत ‘पथिक’ ने अपनी-अपनी भावपूर्ण एवं प्रभावशाली रचनाओं का पाठ किया। कवियों ने सामाजिक चेतना, मानवीय संवेदनाओं, राष्ट्रप्रेम, प्रकृति और जीवन के विविध पक्षों को अपनी कविताओं के माध्यम से अभिव्यक्त किया। उनकी प्रस्तुतियों को श्रोताओं ने पूरे मनोयोग से सुना तथा प्रत्येक रचना के बाद तालियों की गूंज से कवियों का उत्साहवर्धन किया।

डॉ. यशपाल रावत ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होने के साथ-साथ नई पीढ़ी को संस्कार, संवेदना और सकारात्मक सोच प्रदान करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने ऐसी साहित्यिक गोष्ठियों के नियमित आयोजन को रचनात्मक संवाद और साहित्यिक संस्कृति के संरक्षण के लिए आवश्यक बताया। इस अवसर पर कुमार विवेक मानस, प्रदोष मिश्रा, ज्ञानेंद्र सिंह ‘ज्ञानी हिंदुस्तानी’, सर्वेश शर्मा ‘शशि’, अशोक राजपूत सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी साहित्यकारों ने भविष्य में भी साहित्य सृजन और काव्य पाठ की ऐसी श्रृंखला को निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।




