पेपर एवं पैकेजिंग उद्योगों में ऊर्जा की बचत को बढ़ावा देने को अदिती योजना के तहत सेमिनार का आयोजन

ऊर्जा दक्ष तकनीकों को अपनाने पर उद्योगों को वित्तीय सहायता की जानकारी दी

काशीपुर (कशीपुर वार्ता)।  कुमाऊं-गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (केजीसीसीआई) के चैंबर हाउस, काशीपुर में ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई), ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली की ओर से पेपर एवं पैकेजिंग उद्योगों में ऊर्जा की बचत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अदिती योजना के तहत सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यशाला में उद्योगों को ऊर्जा दक्ष तकनीकों को अपनाने, ऊर्जा खपत व लागत कम करने तथा उपलब्ध वित्तीय एवं तकनीकी सहायता का लाभ उठाने की जानकारी दी गई। सेमिनार में ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के संयुक्त निदेशक समीर कुमार गुप्ता तथा ऊर्जा दक्षता सेवाएं लिमिटेड (ईईएसएल) के सहायक प्रबंधक (तकनीकी) अनिमेष अग्रवाल ने प्रतिभागियों को योजना के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। अनिमेष अग्रवाल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि अदिती एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसके अंतर्गत पात्र एमएसएमई इकाइयों को ऊर्जा दक्षता संबंधी परियोजनाओं के लिए लिए गए ऋण पर ब्याज अनुदान दिया जाता है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को 5 प्रतिशत, जबकि मध्यम उद्यमों को 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान तीन वर्ष तक प्रदान किया जाता है। ऊर्जा दक्षता परियोजनाओं के लिए 10 लाख रुपये से अधिक और 15 करोड़ रुपये तक के टर्म लोन का प्रावधान है।
कार्यशाला में इन्वेस्टमेंट ग्रेड एनर्जी ऑडिट, ऊर्जा दक्ष तकनीकों के चयन, परियोजना क्रियान्वयन, मॉनिटरिंग एवं वेरिफिकेशन तथा ब्याज अनुदान के दावे की प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि योजना का लाभ लेने के लिए एमएसएमई इकाई के पास वैध उद्यम रजिस्ट्रेशन नंबर होना आवश्यक है। साथ ही प्रस्तावित ऊर्जा दक्षता उपायों से 10 प्रतिशत से अधिक ऊर्जा बचत हासिल होना अपेक्षित है। अधिकारियों ने बताया कि पात्र इकाइयां निर्धारित वाणिज्यिक बैंकों, अन्य पात्र वित्तीय संस्थानों एवं एनबीएफसी के माध्यम से वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकती हैं। योजना में वित्तीय सहायता के साथ ऊर्जा ऑडिट, तकनीकी मार्गदर्शन, तकनीक चयन, परियोजना क्रियान्वयन, रिपोर्टिंग और वित्तीय सहायता के दावे की प्रक्रिया में हैंडहोल्डिंग सपोर्ट भी उपलब्ध कराया जाता है। संयुक्त निदेशक समीर कुमार गुप्ता ने उद्योग प्रतिनिधियों से अपनी इकाइयों में ऊर्जा दक्ष तकनीकों की संभावनाओं का आकलन कर योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा दक्ष तकनीकों को अपनाने से ऊर्जा लागत में कमी के साथ उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी और सतत एवं ऊर्जा कुशल औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।
इस अवसर पर केजीसीसीआई पेपर यूनिट चैप्टर के चेयरमैन संजीव जिंदल, उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूरेडा) की परियोजना अधिकारी चांदनी बंसल, अतुल अग्रवाल, जगमोहन सिंह, आलोक भारद्वाज, विनय प्रताप राव, प्रदीप सिंह, मोहम्मद दानिश, आर.सी. पांडे, संदीप कुमार, प्रतीक कुमार, अर्पित सिंघल और सौरभ गुप्ता सहित क्षेत्र के अनेक उद्योग प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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