कशीपुर के होली एंजल पब्लिक स्कूल में प्रेरणादायक पुस्तक मेले का आयोजन

किताब केवल ज्ञान का स्रोत नहीं, बल्कि कल्पना, विवेक और अनंत संभावनाओं की दुनिया का द्वार है

 

कशीपुर (कशीपुर वार्ता)। होली एंजल पब्लिक स्कूल, काशीपुर में विद्यार्थियों में पठन संस्कृति विकसित करने तथा पुस्तकों के प्रति रुचि, जिज्ञासा और प्रेम को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज, शुक्रवार, 11 सितंबर को एक ज्ञानवर्धक एवं आकर्षक पुस्तक मेले एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। पुस्तक मेले का शुभारंभ फीता काट कर किया गया। पुस्तक मेले में साहित्य, विज्ञान, गणित, जीवनी, कहानियों, सामान्य ज्ञान, रचनात्मक लेखन, उपन्यास एवं विभिन्न शैक्षिक विषयों से संबंधित पुस्तकों का विविध एवं समृद्ध संग्रह प्रदर्शित किया गया। विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह और जिज्ञासा के साथ विभिन्न पुस्तकों का अवलोकन किया तथा अपनी रुचि और आवश्यकता के अनुरूप पुस्तकों का चयन किया। यह आयोजन कक्षा-कक्ष की शिक्षा से आगे बढ़कर विद्यार्थियों के सर्वांगीण एवं बौद्धिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा। पुस्तकें बच्चों की कल्पनाशक्ति को विस्तार देती हैं, शब्द-भंडार एवं भाषा-कौशल को समृद्ध करती हैं, एकाग्रता बढ़ाती हैं तथा रचनात्मकता, तार्किक सोच, आलोचनात्मक चिंतन और स्वतंत्र रूप से सीखने की क्षमता विकसित करती हैं। “किताबें मौन शिक्षक होती हैं, जो बच्चों के मन को ज्ञान, कल्पना और नई संभावनाओं की दुनिया से परिचित कराती हैं।” विद्यार्थियों एवं शिक्षकों में पुस्तक मेले को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। यह आयोजन विद्यालय की समग्र शिक्षा, आजीवन सीखने तथा जागरूक, आत्मविश्वासी, विचारशील एवं ज्ञानवान व्यक्तित्व के निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। पुस्तक मेले का समापन एक प्रेरणादायक संदेश के साथ हुआ। “अधिक पढ़ें, अधिक जानें और निरंतर आगे बढ़ें।” इस अवसर पर छात्र-छात्राए, समस्त शिक्षक एवं कॉलेज स्टाफ मौजूद रहा।

पठन से विकसित होता है व्यक्तित्व और दृष्टिकोण : सुबोध कुमार सिंह


काशीपुर (कशीपुर वार्ता )।  विद्यालय के निदेशक-प्रधानाचार्य सुबोध कुमार सिंह ने कहा कि पठन केवल परीक्षा की तैयारी का माध्यम नहीं है, बल्कि यह जीवनभर साथ रहने वाली ऐसी आदत है, जो व्यक्ति के व्यक्तित्व और दृष्टिकोण को समृद्ध बनाती है। आज के डिजिटल युग में बच्चों को पुस्तकों से जोड़ना और उनमें नियमित पठन की आदत विकसित करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पुस्तकें विद्यार्थियों के ज्ञान का विस्तार करने के साथ-साथ उनकी कल्पनाशक्ति, रचनात्मकता और सोचने-समझने की क्षमता को भी विकसित करती हैं। उन्होंने पुस्तक मेले को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी पहल बताते हुए कहा कि इससे बच्चों को अपनी रुचि और पसंद की पुस्तकें स्वयं चुनने, विभिन्न विषयों से परिचित होने तथा सीखने को आनंददायक अनुभव में बदलने का अवसर मिला। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित रूप से पुस्तकें पढ़ने और पुस्तकों को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

पुस्तकें ज्ञान के साथ बेहतर भविष्य की राह दिखाती हैं : चेयरमैन अमित सिंह

काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। विद्यालय के चेयरमैन अमित सिंह ने कहा कि पुस्तकें विद्यार्थियों की सबसे अच्छी मित्र होती हैं। नियमित पठन से बच्चों में ज्ञान के साथ-साथ कल्पनाशक्ति, रचनात्मकता, एकाग्रता और तार्किक सोच का विकास होता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में बच्चों का पुस्तकों से जुड़ाव बनाए रखना एक महत्वपूर्ण चुनौती है, इसलिए विद्यालय में आयोजित पुस्तक मेले जैसी पहल विद्यार्थियों में पढ़ने की रुचि विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
अमित सिंह ने कहा कि पुस्तक मेला विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों और लेखकों की पुस्तकों से परिचित होने तथा अपनी रुचि के अनुसार पुस्तकें चुनने का अवसर प्रदान करता है। इससे उनमें स्वाध्याय की आदत विकसित होती है और सीखने की प्रक्रिया अधिक रोचक एवं प्रभावी बनती है। उन्होंने विद्यार्थियों से मोबाइल और डिजिटल माध्यमों के साथ पुस्तकों के लिए भी नियमित समय निकालने तथा पठन को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

 

 

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