महिला नेतृत्व विकास से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण तक विभिन्न क्षेत्रों में सेवा कार्य
काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। राष्ट्र सेविका समिति हिंदू महिलाओं की स्वयंसेवी संस्था है, जिसकी स्थापना वर्ष 1936 में लक्ष्मीबाई केलकर, जिन्हें स्नेहपूर्वक ‘मौसी जी’ कहा जाता है, ने की थी। समिति का उद्देश्य महिलाओं को संगठित कर उनमें नेतृत्व क्षमता एवं आत्मविश्वास का विकास करना तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से प्रेरणा लेकर समाज सेवा के कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।
समिति की ओर से नियमित एवं साप्ताहिक शाखाओं का आयोजन किया जाता है, जिनमें शारीरिक अभ्यास, योग, राष्ट्रप्रेम के गीत तथा विचार-विमर्श के माध्यम से महिलाओं और बेटियों के व्यक्तित्व एवं नेतृत्व क्षमता का विकास किया जाता है। राष्ट्र सेविका समिति राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा से जुड़ी महिला संगठन के रूप में कार्य करती है।
शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर समिति द्वारा विद्यालय, बालबाड़ी एवं ट्यूशन केंद्र संचालित करने के साथ महिलाओं और बच्चों के लिए साक्षरता कार्यक्रम चलाए जाते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को छात्रवृत्ति, पुस्तकें एवं शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई, हस्तशिल्प एवं कंप्यूटर जैसे रोजगारपरक प्रशिक्षण, नेतृत्व विकास एवं व्यक्तित्व विकास शिविर आयोजित किए जाते हैं। इसके साथ स्वास्थ्य, वित्तीय जागरूकता और कानूनी अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया जाता है।
स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और आपदा राहत में भी सक्रिय भूमिका
राष्ट्र सेविका समिति द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, रक्तदान कार्यक्रम तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। स्वच्छता और माहवारी स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी महिलाओं एवं किशोरियों को जागरूक किया जाता है।
ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के प्रयास किए जाते हैं। बाढ़, भूकंप, चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जरूरतमंदों तक भोजन, कपड़े, दवाइयां एवं आवश्यक सामग्री पहुंचाने तथा सामुदायिक रसोई के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराने में भी समिति सहयोग करती है।
बाल विकास और पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता
बच्चों के शारीरिक स्वास्थ्य, संस्कार एवं सांस्कृतिक शिक्षा के लिए शिविर आयोजित किए जाते हैं। जरूरतमंद और मूक-बधिर बच्चों के लिए पोषण एवं शिक्षा संबंधी सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण, जल संरक्षण और स्वच्छता अभियानों को भी बढ़ावा दिया जाता है। त्योहारों एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से महिलाओं और बेटियों को पारंपरिक कला, संगीत, स्वास्थ्य, सामुदायिक सेवा एवं आत्मनिर्भरता से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। समिति की सेवाएं क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुसार अलग-अलग स्वरूप में संचालित हो सकती हैं और इसका उद्देश्य समाज को सेवा के माध्यम से सशक्त बनाना है। नूपुर गुप्ता ने सभी बहनों एवं बेटियों से राष्ट्र सेविका समिति की गतिविधियों से जुड़ने तथा समाजहित के कार्यों में तन-मन-धन से सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से परिवार, समाज और राष्ट्र को अधिक सशक्त एवं संस्कारित बनाया जा सकता है।





