उद्योगों को निर्बाध, सुरक्षित और स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने पर मंथन, औद्योगिक इकाइयों से ऊर्जा जरूरतों की जानकारी मांगी
काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। कुमायूँ गढ़वाल चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री (केजीसीसीआई) की ओर से महुआखेड़ागंज औद्योगिक क्षेत्र में प्रस्तावित पीएनजी गैस वितरण नेटवर्क के विस्तार को लेकर इण्डियन ऑयल अडानी गैस प्रा. लि. (IOAGPL) के अधिकारियों एवं विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में उद्योगों को पीएनजी की निरंतर आपूर्ति, इसके संभावित लाभ तथा औद्योगिक क्षेत्र में गैस नेटवर्क विस्तार की व्यवहार्यता पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक का संचालन केजीसीसीआई के महुआखेड़ागंज जोनल चेयरमैन पुनीत सिंघल ने किया। IOAGPL के एसेट हेड सुधांश सक्सेना ने बताया कि वर्तमान में उद्योगों में हाई स्पीड डीजल (एचएसडी) और फर्नेस ऑयल (एफओ) जैसे तरल ईंधनों के उपयोग के दौरान परिवहन, भंडारण, हैंडलिंग, रिसाव एवं चोरी जैसी समस्याएं सामने आती हैं। इन व्यवस्थाओं के कारण उद्योगों की परिचालन लागत और जोखिम भी बढ़ते हैं।
उन्होंने कहा कि पाइपलाइन के माध्यम से सीधे उद्योगों तक पीएनजी की आपूर्ति होने से ईंधन के परिवहन और भंडारण की आवश्यकता काफी कम हो जाती है। साथ ही रिसाव एवं चोरी से होने वाली संभावित हानि को भी नियंत्रित किया जा सकता है। सर्दियों के मौसम में तरल ईंधनों के परिवहन एवं उपयोग में आने वाली अतिरिक्त कठिनाइयों की तुलना में पीएनजी की पाइपलाइन आधारित आपूर्ति अधिक सुविधाजनक एवं सुचारु विकल्प हो सकती है।
सीनियर मैनेजर बिजनेस डेवलपमेंट प्रदीप कुमार संदल ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों के लिए ईंधन की सतत एवं विश्वसनीय उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण है। विभिन्न परिस्थितियों के कारण एचएसडी एवं एफओ की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जबकि पीएनजी पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए उद्योगों को निरंतर ईंधन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा सकती है। उन्होंने कहा कि उद्योगों की वर्तमान और भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को देखते हुए पीएनजी स्वच्छ, सुविधाजनक एवं बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।
केजीसीसीआई के जोनल चेयरमैन पुनीत सिंघल ने कहा कि पीएनजी अपेक्षाकृत स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल ईंधन है। इसके उपयोग से उद्योगों को ईंधन प्रबंधन से जुड़ी कई चुनौतियों से राहत मिलने के साथ ही कार्बन उत्सर्जन कम करने में भी मदद मिल सकती है। उन्होंने पीएनजी नेटवर्क के विस्तार को औद्योगिक क्षेत्र की ऊर्जा जरूरतों और पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।
बैठक में IOAGPL के प्रतिनिधियों ने प्रस्तावित सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के विस्तार, औद्योगिक क्षेत्र में संभावित गैस मांग तथा उद्योगों के सुझावों पर चर्चा की। बताया गया कि औद्योगिक इकाइयों द्वारा अपनी वर्तमान एवं भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं और संभावित गैस खपत की जानकारी उपलब्ध कराए जाने के आधार पर महुआखेड़ागंज क्षेत्र में पीएनजी नेटवर्क विस्तार की व्यवहार्यता का आकलन किया जाएगा।
केजीसीसीआई अध्यक्ष विनीत कुमार संगल ने कहा कि स्वच्छ ईंधन को अपनाकर उद्योग कार्बन फुटप्रिंट कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ऊर्जा दक्षता और औद्योगिक कार्यप्रणाली में भी सकारात्मक सुधार संभव है। उन्होंने कहा कि पीएनजी अपनाने से ईंधन के परिवहन एवं भंडारण से जुड़ी जटिलताएं कम होने के साथ भविष्य में आर्थिक एवं परिचालन लाभ भी मिल सकते हैं। बैठक में IOAGPL के एसेट हेड सुधांश सक्सेना, सीनियर मैनेजर बिजनेस डेवलपमेंट प्रदीप कुमार संदल, सीनियर इंजीनियर कुश गर्ग, सहायक प्रबंधक रोहित विनय महल, सीनियर इंजीनियर आदित्य कम्बोज सहित श्रेयांश अग्रवाल, विजय कश्यप, डीके गोयल, आशीष सरना, शाहिद अहमद, सोरभ जैन, अशोक सिंह, विक्रम अधिकारी, तरुण कुमार शर्मा एवं विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।







