कशीपुर की बेटी मोनिका रावत बनी ‘ब्लैक कैट कमांडो’, एनएसजी में चयन से क्षेत्र गौरवान्वि
शहीद पिता की प्रेरणा, 2022 में असम राइफल्स में भर्ती के बाद हासिल की बड़ी सफलता
कशीपुर (काशीपुर वार्ता)। काशीपुर की बेटी मोनिका रावत ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के दम पर देश की प्रतिष्ठित सुरक्षा इकाई नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) में विशेष कमांडो के रूप में चयन प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। मोनिका रावत, स्वर्गीय हवलदार जसपाल सिंह रावत की पुत्री हैं, जो मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के ब्लॉक नैनीडांडा के ग्राम मजेडा की निवासी हैं और वर्तमान में काशीपुर की सैनिक कॉलोनी में रह रही हैं। मोनिका रावत वर्ष 2022 में असम राइफल्स में भर्ती हुई थीं और अपनी सेवा के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन एनएसजी के लिए हुआ। वे तीन बहनों में सबसे बड़ी हैं और उनका एक छोटा भाई भी है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य को हासिल कर युवाओं के लिए प्रेरणा प्रस्तुत की है। मोनिका रावत के पिता स्वर्गीय जसपाल सिंह रावत भी असम राइफल्स में तैनात थे और ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए थे। पिता की वीरता और देशभक्ति की भावना ने ही उन्हें देश सेवा के लिए प्रेरित किया। उनके चाचा हर्षपाल रावत भी असम राइफल्स में हवलदार के पद पर कार्यरत हैं। परिवार और गांव की इस सैन्य परंपरा ने मोनिका को आगे बढ़ने की शक्ति दी। क्षेत्रवासियों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य व्यक्तियों ने मोनिका रावत की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। सभी ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताते हुए कहा कि यह सफलता आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी।
एनएसजी कमांडो—देश की विशेष सुरक्षा इकाई
नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) देश की एक विशिष्ट आतंकवाद-रोधी सुरक्षा इकाई है, जो गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करती है। इसमें सीधी भर्ती नहीं होती, बल्कि चयन भारतीय सेना और अन्य केंद्रीय सशस्त्र बलों के जवानों में से किया जाता है। इसमें शामिल होने के लिए कड़े मानकों और विभिन्न परीक्षणों से गुजरना पड़ता है। चयनित जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे वे चुनौतीपूर्ण और संवेदनशील परिस्थितियों में देश की सुरक्षा सुनिश्चित कर

