एक ओंकार ग्लोबल एकेडमी के विद्यार्थियों ने सीखा इस्तेमाल किए गए कुकिंग ऑयल से बायोडीजल बनाना

सीएसआईआर-आईआईपी के प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. नीरज के प्रयासों स्थापित हुआ इस्तेमाल किए गए खाद्य तेल का संग्रहण केंद्र

काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। एक ओंकार ग्लोबल एकेडमी में विद्यार्थियों को विज्ञान, पर्यावरण संरक्षण और सतत ऊर्जा के क्षेत्र में व्यावहारिक जानकारी देने के उद्देश्य से विशेष वैज्ञानिक गतिविधि का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सीएसआईआर–इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम के प्रिंसिपल साइंटिस्ट एवं केमिकल कन्वर्जन एरिया के प्रमुख डॉ. नीरज आत्रे ने विद्यार्थियों को इस्तेमाल किए गए कुकिंग ऑयल से बायोडीजल बनाने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डॉ. नीरज आत्रे ने बायोडीजल निर्माण के पीछे के वैज्ञानिक सिद्धांतों को विद्यार्थियों को सरल एवं रोचक तरीके से समझाया। उन्होंने पूरी प्रक्रिया का प्रायोगिक प्रदर्शन भी किया। इससे विद्यार्थियों को पुस्तकों में पढ़ी गई विज्ञान की अवधारणाओं को वास्तविक प्रयोग के माध्यम से समझने का अवसर मिला।
डॉ. नीरज आत्रे के मार्गदर्शन एवं प्रयासों से एक ओंकार ग्लोबल एकेडमी में इस्तेमाल किए गए खाद्य तेल का संग्रहण केंद्र भी स्थापित किया गया है। इस केंद्र के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रयुक्त खाद्य तेल के उचित संग्रहण, उसके पुनः उपयोग तथा उससे बायोडीजल तैयार करने की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। इससे विद्यार्थियों को भविष्य में इस विषय पर प्रयोगात्मक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर भी मिलेगा। विद्यालय की यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, प्रयोगात्मक सीख, नवाचार और सतत ऊर्जा के प्रति जागरूकता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस्तेमाल किए गए खाद्य तेल को अनुपयोगी समझकर फेंकने के बजाय उससे उपयोगी ईंधन तैयार करने की अवधारणा विद्यार्थियों को संसाधनों के बेहतर उपयोग और पर्यावरणीय जिम्मेदारी का संदेश भी देती है।

विद्यालय प्रबंधन ने डॉ. नीरज आत्रे का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वैज्ञानिकों का मार्गदर्शन विद्यार्थियों में विज्ञान एवं अनुसंधान के प्रति रुचि पैदा करने के साथ उन्हें भविष्य में वैज्ञानिक और नवप्रवर्तक बनने के लिए प्रेरित करता है। एक ओंकार ग्लोबल एकेडमी की यह पहल ‘सीखो, प्रयोग करो और नवाचार करो’ की भावना को मजबूत करते हुए विद्यार्थियों को विज्ञान, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।

विज्ञान को प्रयोग से समझना ही सच्ची शिक्षा है : चेयरमैन सुखविंदर सिंह

कशीपुर (कशीपुर वार्ता)। एक ओंकार ग्लोबल एकेडमी का सदैव प्रयास रहा है कि विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ प्रयोगात्मक और व्यावहारिक शिक्षा भी प्रदान की जाए। इस्तेमाल किए गए कुकिंग ऑयल से बायोडीजल तैयार करने की प्रक्रिया को समझना विद्यार्थियों के लिए विज्ञान, पर्यावरण संरक्षण और सतत ऊर्जा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अनुभव है। ऐसे प्रयोग विद्यार्थियों में जिज्ञासा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की भावना विकसित करते हैं। हम डॉ. नीरज आत्रे का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने अपने बहुमूल्य समय और विशेषज्ञता से विद्यार्थियों को इस महत्वपूर्ण विषय की जानकारी दी तथा प्रायोगिक प्रदर्शन के माध्यम से विज्ञान को उनके लिए सरल और रोचक बनाया। विद्यालय में इस्तेमाल किए गए खाद्य तेल के संग्रहण केंद्र की स्थापना भी इसी दिशा में एक सार्थक पहल है। हमारा उद्देश्य है कि विद्यार्थी केवल समस्याओं को समझें ही नहीं, बल्कि उनके वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल समाधान तलाशने की क्षमता भी विकसित करें। मुझे विश्वास है कि यह पहल विद्यार्थियों को जिम्मेदार, जागरूक और नवाचारी नागरिक बनने के लिए प्रेरित करेगी।

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