अभिनेता ने दिया विद्यार्थियों को सफलता, शिक्षा और संघर्ष का मंत्र

काशीपुर। रामनगर रोड स्थित स्ट्रैटन वर्ल्ड स्कूल में बुधवार को उस समय उत्साह और प्रेरणा का अनूठा संगम देखने को मिला, जब प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता स्मरण तिवारी ने विद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों से संवाद किया। विशेष रूप से आयोजित इस कार्यक्रम में अभिनेता ने बच्चों के साथ अपने जीवन, संघर्ष और फिल्मी करियर के अनुभव साझा किए, जिससे पूरा विद्यालय परिसर ऊर्जा और प्रेरणा से भर उठा।

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय प्रशासन द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनेता के स्वागत से हुई। विद्यार्थियों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उनका अभिनंदन किया। अपने संबोधन में स्मरण तिवारी ने कहा कि “शिक्षा ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। यदि विद्यार्थी अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं, तो उन्हें स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम करना होगा।” विद्यालय की हैड गर्ल मान्या चौधरी ने जब उनसे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी के बारे में प्रश्न किया, तो उन्होंने शिक्षा को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि ज्ञान और अनुशासन व्यक्ति को हर क्षेत्र में सफलता दिलाते हैं। कक्षा सात की छात्रा हरनीत कौर के प्रश्न के उत्तर में उन्होंने अपने फिल्मी सफर की चर्चा करते हुए बताया कि इंडस्ट्री में कदम रखना आसान नहीं था, लेकिन धैर्य, आत्मविश्वास और निरंतर अभ्यास ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। हेड बॉय अभिमन्यु सिंह द्वारा सफलता के रहस्य पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए अभिनेता ने स्पष्ट कहा, “सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। कठिन परिश्रम, समर्पण और निरंतर प्रयास ही सफलता की असली कुंजी हैं।” कक्षा छह के छात्र काव्यांश यादव के प्रश्न पर उन्होंने बताया कि चुनौतियां हर क्षेत्र में आती हैं, परंतु धैर्य और सकारात्मक सोच से उन्हें पार किया जा सकता है।

अभिनेता ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि असफलता से घबराने के बजाय उसे सीख के रूप में स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कला और शिक्षा का संतुलन व्यक्ति के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। गौरतलब है कि स्मरण तिवारी भारतीय फिल्म उद्योग में उभरते हुए कलाकार हैं। उनकी चर्चित फिल्में हिंदुत्व और तत्व दर्शकों के बीच सराही जा चुकी हैं। अपने अभिनय कौशल के दम पर उन्होंने कम समय में पहचान बनाई है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अभिनेता के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और अपने भविष्य को लेकर उनसे मार्गदर्शन प्राप्त किया। विद्यालय परिसर में पूरे समय उत्साहपूर्ण वातावरण बना रहा। विद्यालय की प्रबंधिका हरप्रीत सैनी तथा सह-प्रबंधिका शिरीन सैनी ने अभिनेता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को मजबूत करते हैं और उन्हें अपने लक्ष्य निर्धारित करने की दिशा देते हैं। प्रधानाचार्य सुरेन्द्र भारद्वाज ने भी धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि स्मरण तिवारी के अनुभवों से छात्रों को सकारात्मक सोच और व्यक्तित्व विकास की नई दिशा मिली है। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने अभिनेता को स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अभिनेता के आगमन ने विद्यालय के इस आयोजन को अविस्मरणीय बना दिया।
काशीपुर के बेटे स्मरण तिवारी का शिक्षा और संकल्प से बॉलीवुड तक का प्रेरक सफर

काशीपुर। संस्कारित और शिक्षित परिवार से निकलकर अपने सपनों को साकार करने वाले युवा अभिनेता स्मरण तिवारी आज काशीपुर का नाम रोशन कर रहे हैं। उनके पिता नैनी पेपर मिल में मार्केटिंग एवं सेल्स जीएम के पद पर कार्यरत हैं, जबकि माता एक शिक्षिका हैं। प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने अपनी 12वीं की परीक्षा भी काशीपुर से ही उत्तीर्ण की। पारिवारिक मूल्यों, अनुशासन और सतत परिश्रम के बल पर उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा और आज युवाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन गए हैं। साल 2016 में उन्होंने मुंबई स्थित व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल से स्नातक की डिग्री प्राप्त की और अभिनय की बारीकियां रोशन तनेजा स्कूल ऑफ एक्टिंग से सीखीं। उनकी पहली फिल्म हिन्दुत्व 7 अक्टूबर 2022 को रिलीज हुई। इसके बाद तत्व और ‘प्रसिद्ध जानवर’ समेत कई सीरीज में उन्होंने अपनी अभिनय क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में फिल्म शूटिंग की अपार संभावनाएं हैं और राज्य सरकार भी इस दिशा में सहयोग कर रही है। उन्होंने सुपरस्टार शाहरुख खान को अपना आदर्श बताते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में एक स्पष्ट लक्ष्य अवश्य निर्धारित करना चाहिए। पूर्वजों की संपत्ति पर निर्भर रहने के बजाय ईमानदारी, कड़ी मेहनत और दृढ़ हौसले के बल पर आगे बढ़ना ही सच्ची सफलता है। स्मरण तिवारी ने अपनी उपलब्धियों का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुओं को देते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और आशीर्वाद ने ही उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है।
प्रेरणादायक संवाद से होता है बच्चों का सर्वांगीण विकास: हरप्रीत कौर

काशीपुर। विद्यालय की प्रबंधिका हरप्रीत कौर ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए केवल पाठ्य-पुस्तक ज्ञान ही नहीं, बल्कि प्रेरणादायक व्यक्तित्वों से संवाद भी अत्यंत आवश्यक है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य छात्रों को नैतिक मूल्यों के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है, ताकि वे जीवन की हर चुनौती का सामना दृढ़ता से कर सकें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के प्रेरक आयोजन विद्यार्थियों को अपने सपनों को साकार करने की नई ऊर्जा प्रदान करते हैं।
परिश्रम और आत्मविश्वास से ही मिलती है सफलता : शिरीन सैनी

काशीपुर। विद्यालय की सह-प्रबंधिका शिरीन सैनी ने कहा कि सफलता निरंतर परिश्रम, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास का परिणाम होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य स्पष्ट रखने और समय का सदुपयोग करने की सलाह दी। उनका कहना था कि शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और अनुशासन भी जीवन की उन्नति के लिए अनिवार्य हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब छात्र महान व्यक्तित्वों से प्रेरणा लेते हैं, तो उनके भीतर कुछ नया करने की ललक जागृत होती है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को आत्ममंथन और आत्म-विकास का अवसर प्रदान करते हैं।
शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा नहीं, जिम्मेदार नागरिक बनाना है : सुरेन्द्र भारद्वाज

काशीपुर। विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेन्द्र भारद्वाज ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल परीक्षा में सफलता प्राप्त करना नहीं, बल्कि जीवन में एक सशक्त और जिम्मेदार नागरिक बनना है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करें तथा असफलताओं से सीख लेते हुए आगे बढ़ें। उनका कहना था कि अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक दृष्टिकोण ही सफलता की आधारशिला हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे प्रेरक संवाद विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की दिशा में अग्रसर करते हैं।
