कशीपुर के मास्टर इंटरनेशनल स्कूल में अबेकस ड्रिल का भव्य आयोजन

कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों ने दिखाई अद्भुत गणनात्मक क्षमता, अभिभावकों ने सराहना

काशीपुर (काशीपुर वार्ता)। शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नए आयाम स्थापित कर रहा मास्टर इंटरनेशनल स्कूल एक बार फिर अपनी अभिनव शैक्षणिक गतिविधि को लेकर चर्चा में है। विद्यालय परिसर में आयोजित अबेकस ड्रिल कार्यक्रम ने विद्यार्थियों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और मानसिक दक्षता का प्रभावशाली प्रदर्शन प्रस्तुत किया। कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए मंच पर अपनी त्वरित गणना क्षमता से सभी को आश्चर्यचकित कर दिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों की गणनात्मक क्षमता, एकाग्रता, स्मरण शक्ति तथा मानसिक विकास को प्रोत्साहित करना था। सुसज्जित मंच, रंग-बिरंगे पोस्टर और गणितीय सूत्रों से सजे चार्ट कार्यक्रम की शोभा बढ़ा रहे थे। कक्षा 1 और 2 के नन्हे विद्यार्थियों ने मंच पर आकर सरल जोड़ और घटाव की गणनाएँ कुछ ही सेकंड में हल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। वहीं कक्षा 3, 4 और 5 के छात्रों ने गुणा और भाग जैसे जटिल प्रश्नों को बिना किसी लिखित सहायता के मानसिक रूप से हल कर दर्शकों की खूब तालियाँ बटोरीं।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने सामूहिक रूप से समन्वित ढंग से अबेकस की मणियों का संचालन करते हुए गणना की। कई विद्यार्थियों ने आँखें बंद कर मानसिक गणना कर उत्तर प्रस्तुत किया, जिससे उनकी एकाग्रता और अभ्यास की स्पष्ट झलक दिखाई दी। कक्षा 5 के विद्यार्थियों के बीच लाइव प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें तेज गति से प्रश्न पूछे गए और बच्चों ने तत्काल उत्तर देकर अपनी दक्षता सिद्ध की। अबेकस शिक्षिका आकांक्षा अग्रवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अबेकस के इतिहास और महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह प्राचीन गणना पद्धति आज भी मानसिक गणित को सशक्त बनाने में अत्यंत उपयोगी है। नियमित अभ्यास से बच्चों की स्मरण शक्ति, ध्यान क्षमता और आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। बच्चों का आत्मविश्वासपूर्ण प्रदर्शन देखकर उन्होंने गर्व व्यक्त किया और विद्यालय प्रबंधन की प्रशंसा की। अभिभावकों का मानना है कि इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों को प्रारंभिक अवस्था में ही मजबूत आधार प्रदान करती हैं, जिससे वे भविष्य में शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें। कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय परिसर में उत्साह और ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला।

विद्यार्थियों के चेहरों पर झलकती खुशी इस आयोजन की सफलता की गवाही दे रही थी। अबेकस ड्रिल ने यह संदेश दिया कि सही मार्गदर्शन और निरंतर अभ्यास से बच्चे किसी भी क्षेत्र में असाधारण उपलब्धि हासिल कर सकते हैं।

अबेकस सीखने वाले विद्यार्थी अन्य विषयों में भी बेहतर प्रदर्शन करते हैं

कशीपुर। विद्यालय की प्रबंधिका शिल्पी गर्ग ने कहा कि डिजिटल युग में जहाँ बच्चे कैलकुलेटर और मोबाइल पर निर्भर होते जा रहे हैं, वहीं अबेकस जैसी पारंपरिक पद्धति उन्हें मानसिक रूप से सशक्त बनाती है। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. गौरव गर्ग ने बताया कि अबेकस प्रशिक्षण केवल गणित तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों के संपूर्ण व्यक्तित्व विकास में सहायक है। इससे सुनने, समझने और समय प्रबंधन जैसी क्षमताएँ विकसित होती हैं। उन्होंने कहा कि अबेकस सीखने वाले विद्यार्थी अन्य विषयों में भी बेहतर प्रदर्शन करते हैं क्योंकि उनकी एकाग्रता और स्मरण शक्ति मजबूत हो जाती है।

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