काशीपुर के सुप्रसिद्ध जिपर एवं जिनर संस्थान में सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रारंभ

फार्मेसी और नर्सिंग शिक्षा में उत्कृष्ट पहचान बना चुके संस्थान में विद्यार्थियों की बढ़ी रुचि

काशीपुर (काशीपुर वार्ता)। उत्तराखंड में फार्मेसी एवं नर्सिंग शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (जिपर) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। संस्थान प्रबंधन के अनुसार विद्यार्थियों एवं अभिभावकों में प्रवेश को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। आधुनिक शिक्षा प्रणाली, उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण, अनुभवी शिक्षकों तथा बेहतर प्लेसमेंट के कारण संस्थान लगातार विद्यार्थियों की पहली पसंद बनता जा रहा है। संस्थान ने पिछले वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। जिपर को वर्ष 2024-25 में उत्कृष्ट फार्मास्यूटिकल शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान का सम्मान प्राप्त हुआ, जबकि वर्ष 2023 में शिक्षण उत्कृष्टता एवं अनुसंधान के लिए देश के श्रेष्ठ फार्मेसी कॉलेजों में शामिल किया गया। इसके अतिरिक्त संस्थान को उत्तराखंड का सबसे उभरता हुआ फार्मास्यूटिकल शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान भी घोषित किया जा चुका है। संस्थान परिसर में आधुनिक प्रयोगशालाएं, स्मार्ट क्लासरूम, वाई-फाई सुविधा, समृद्ध पुस्तकालय, ई-लाइब्रेरी, खेलकूद सुविधाएं तथा सीसीटीवी सुरक्षा जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, व्यक्तित्व निखार एवं शोध कार्यों को विशेष प्राथमिकता दी जाती है। संस्थान में अलग प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट सेल संचालित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को देश की प्रतिष्ठित फार्मा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र की कंपनियों में रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। संस्थान के विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय स्तर पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल एवं रैंक हासिल कर संस्थान का नाम रोशन किया है। बी.फार्म के कई विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय टॉपर बनकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। संस्थान प्रबंधन का कहना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं अनुशासित वातावरण के कारण यहां का परीक्षा परिणाम लगातार शत-प्रतिशत रहा है। जिपर में डी.फार्म, बी.फार्म, बी.फार्म लेटरल एंट्री तथा एम.फार्म पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एजुकेशन एंड रिसर्च (जिनर) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। आज उत्तराखंड में नर्सिंग शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से उभरते हुए प्रतिष्ठित संस्थानों में शामिल हो चुका है। संस्थान में बीएससी नर्सिंग एवं जीएनएम पाठ्यक्रम आधुनिक शिक्षण पद्धति एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ संचालित किए जा रहे हैं। विद्यार्थियों को स्मार्ट क्लासरूम, अत्याधुनिक नर्सिंग लैब, कंप्यूटर लैब, ई-लाइब्रेरी तथा अनुभवी फैकल्टी का लाभ मिल रहा है। जीनर में विद्यार्थियों को अस्पतालों में नियमित क्लीनिकल ट्रेनिंग प्रदान की जाती है, जिससे उनमें सेवा भावना, आत्मविश्वास एवं व्यावसायिक दक्षता विकसित होती है। संस्थान छात्राओं की सुरक्षा एवं अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। साथ ही व्यक्तित्व विकास, संचार कौशल एवं रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल कुशल नर्स बनाना ही नहीं, बल्कि उन्हें स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में संवेदनशील एवं जिम्मेदार प्रोफेशनल के रूप में तैयार करना है। जीनर में बीएससी नर्सिंग एवं जीएनएम पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिए जा रहे हैं। मेधावी एवं आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

संस्थान के निदेशक डॉ. दीपक तेवतिया ने बताया कि जिपर एवं जीनर का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि संस्थान में आधुनिक तकनीकों पर आधारित शिक्षण व्यवस्था, अनुभवी फैकल्टी एवं शोध आधारित वातावरण विद्यार्थियों को उत्कृष्ट करियर बनाने में मदद कर रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थान विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, नैतिक शिक्षा एवं रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दे रहा है।

संस्थान के चेयरमैन डॉ. अनिल कुमार सक्सेना ने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार एवं अनुशासन संस्थान की सबसे बड़ी पहचान हैं। उन्होंने बताया कि संस्थान का देश एवं विदेश के अनेक शैक्षणिक संस्थानों एवं उद्योगों के साथ शैक्षणिक सहयोग है, जिससे विद्यार्थियों को रिसर्च, इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग एवं बेहतर प्लेसमेंट के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान भविष्य में स्वास्थ्य एवं फार्मास्यूटिकल शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।

 

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