पिस्टल, रायफल, 17 कारतूस और दो कूटरचित शस्त्र लाइसेंस बरामद, अब तक 10 आरोपी जेल भेजे गए
काशीपुर (काशीपुर वार्ता)। फर्जी शस्त्र लाइसेंस नेटवर्क पर एसटीएफ का एक और प्रहार, सरवरखेड़ा से आरोपी गिरफ्तार चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को एक और बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ ने काशीपुर के ग्राम सरवरखेड़ा क्षेत्र में दबिश देकर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से अवैध हथियार, जिंदा कारतूस, कूटरचित शस्त्र लाइसेंस और फर्जी आधार कार्ड बरामद किया गया है। एसटीएफ के अनुसार मुख्यमंत्री के “अपराध मुक्त उत्तराखण्ड” विजन तथा पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देशन में राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की वैधता और सत्यता की व्यापक जांच की जा रही है। इसी क्रम में की गई जांच के आधार पर 4 जून 2026 को काशीपुर कोतवाली में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था।।विवेचना के दौरान एसएसपी एसटीएफ के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए 17 जून को एसटीएफ टीम ने थाना कुण्डा क्षेत्र के सरवरखेड़ा में छापेमारी कर दानिश उर्फ दानू पुत्र मोहम्मद अलीम उर्फ छुट्टन को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से एक सेमी ऑटोमैटिक .30 बोर पिस्टल, एक सेमी ऑटोमैटिक .315 बोर रायफल, 17 जिंदा कारतूस, शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश) से संबंधित दो कूटरचित शस्त्र लाइसेंस तथा एक फर्जी आधार कार्ड बरामद किया गया। एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि वर्ष 2026 की शुरुआत से ही फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों और कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से लाइसेंस तैयार करने वाले गिरोहों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पिछले एक माह से एसटीएफ की टीमें पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही थीं और लगातार कार्रवाई कर इस संगठित गिरोह की परतें खोल रही हैं। उन्होंने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों का कारोबार केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि समाज और राज्य की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। जांच में जिसकी भी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसटीएफ के मुताबिक अब तक इस अभियान के तहत राज्य के विभिन्न जनपदों में चार मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। दस आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। साथ ही 16 अवैध शस्त्र, 358 कारतूस तथा बड़ी संख्या में संदिग्ध एवं फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए जा चुके हैं।।एसटीएफ ने आमजन से अपील की है कि फर्जी, संदिग्ध अथवा अवैध शस्त्र लाइसेंस से संबंधित कोई भी सूचना मिलने पर तत्काल जानकारी दें। सूचनाकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।





