जन्मदिन की पार्टी के बहाने कार में ले जाकर मारी गोली, हादसे का रूप देने का प्रयास
काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। प्रतापपुर क्षेत्र में सड़क किनारे धान के खेत में 17 अगस्त को शिफ्ट डिजायर कार से खून से लथपथ मिले युवक की मौत का मामला सड़क हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या निकला। पुलिस ने गहन जांच-पड़ताल, सीसीटीवी कैमरों की मदद और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर महज 48 घंटे में हत्याकांड का खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी समेत दो किशोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त तमंचा, खोखा और जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने बुधवार को अपर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में घटना का खुलासा करते हुए बताया कि 17 अगस्त को पुलिस को सूचना मिली थी कि प्रतापपुर क्षेत्र में सड़क किनारे धान के खेत में एक शिफ्ट डिजायर कार अनियंत्रित अवस्था में खड़ी है और उसमें खून से लथपथ एक युवक का शव पड़ा है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव की शिनाख्त ग्राम बाजावाला, डाकिया नंबर-1, कुंडेश्वरी निवासी संजीव कुमार पुत्र सोमल सिंह के रूप में की। प्रथम दृष्टया मामला सड़क हादसा प्रतीत हो रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम के दौरान गनशॉट इंजरी सामने आने के बाद पुलिस ने जांच की दिशा बदल दी। पूछताछ के दौरान मृतक की पत्नी निशा के बयानों में विरोधाभास मिलने पर पुलिस का शक गहराया। पुलिस ने जब दोनों किशोरों से कड़ाई से पूछताछ की तो उन्होंने पूरे घटनाक्रम का खुलासा करते हुए बताया कि संजीव कुमार की पत्नी निशा भी हत्या की साजिश में शामिल थी। इसके बाद पुलिस की पूछताछ में निशा ने भी अपना अपराध स्वीकार कर लिया। एसएसपी के अनुसार संजीव कुमार की ग्राम थारी, रामनगर में टैंट की दुकान है, जहां दोनों किशोर काम करते थे। इनमें से एक किशोर के साथ मृतक की पत्नी के प्रेम संबंध होने की बात सामने आई है। इसी के चलते संजीव कुमार को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई। 17 अगस्त को जन्मदिन की पार्टी के बहाने सभी लोग कार से निकले थे। कार संजीव कुमार चला रहा था। आरोप है कि रास्ते में पीछे बैठे एक किशोर ने संजीव कुमार को सटाकर गोली मार दी। इसके बाद सुनसान स्थान पर कार को सड़क किनारे खड़ा कर आरोपी फरार हो गए, ताकि घटना को सड़क हादसे का रूप दिया जा सके। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी निशा और दोनों किशोरों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त तमंचा, खोखा और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाल रही है। एसएसपी अजय गणपति ने महज 48 घंटे में हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम की सराहना की।





