बायो-फ्यूल “कैमोलिना के लिए उपयोगी फसल पर विशेषज्ञ ने दी विस्तृत जानकारी
काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। किसान विकास क्लब (उत्तराखंड) की मासिक बैठक अनाज मंडी काशीपुर स्थित गेस्ट हाउस में क्लब के प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और प्रगतिशील कृषकों ने खेती से जुड़े मौजूदा चुनौतियों और नई संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में मृदा की घटती उर्वरता, सूक्ष्म पोषक तत्वों का असंतुलन तथा जल उपयोग दक्षता (Water Use Efficiency) जैसे महत्वपूर्ण विषय प्रमुखता से उठे। विशेषज्ञों ने कहा कि लगातार बढ़ती कृषि लागत और जल संकट के बीच मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखना तथा उपलब्ध जल का वैज्ञानिक एवं दक्षतापूर्ण उपयोग समय की आवश्यकता है। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), काशीपुर के विशेषज्ञ डॉ. अनिल चंद्रा ने नई नकदी एवं बायो-फ्यूल फसल कैमोलिना (Camelina sativa) पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि कैमोलिना को विमानन बायो-फ्यूल (Aviation Bio-fuel) के लिए एक महत्वपूर्ण संभावनाशील फसल माना जा रहा है। कम लागत और अपेक्षाकृत कम पानी में इसकी खेती किसानों के लिए अतिरिक्त आय का बेहतर माध्यम बन सकती है।डॉ. चंद्रा ने बताया कि डीआईबीईआर-डीआरडीओ (DIBER-DRDO) के सहयोगात्मक समझौते के तहत किसानों को कैमोलिना की खेती के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज, तकनीकी मार्गदर्शन तथा बायबैक (अनुबंध खेती) की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे किसानों को नई फसल अपनाने में बाजार संबंधी जोखिम कम करने और बेहतर आय के अवसर मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों ने किसानों से पारंपरिक खेती के साथ नई संभावनाशील फसलों और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया। बैठक में इस बात पर भी बल दिया गया कि मिट्टी की जांच, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन और सिंचाई के वैज्ञानिक तरीकों को खेती का अभिन्न हिस्सा बनाया जाए।।बैठक में पूर्व ब्लॉक प्रमुख रवि कुमार, सुभाष चौधरी, चौधरी किशन सिंह, राजवीर मिश्रा, हरि सिंह, देवेंद्र सिंह, रघुवीर सिंह, कल्याण सिंह, अजय कपूर, अर्जुन सिंह, लक्ष्मीकांत शर्मा, देवेंद्र सिंह तथा नीतीश कुमार भट्ट समेत बड़ी संख्या में किसान एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।




