एक ओंकार ग्लोबल एकेडमी में अभिभावक मार्गदर्शन एवं परामर्श सत्र का भव्य आयोजन

विशेषज्ञों ने अभिभावकों और छात्रों को दिए सफलता के सूत्र, नए सत्र के लिए किया प्रेरित

काशीपुर (काशीपुर वार्ता)। एक ओंकार ग्लोबल एकेडमी में गत दिवस अभिभावक मार्गदर्शन एवं परामर्श सत्र का भव्य एवं प्रभावशाली आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावकों, छात्रों एवं शिक्षकों की उपस्थिति रही, जिससे पूरे परिसर में उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं प्रोसेसिंग काउंसलर के रूप नैनी पेपर्स के प्रबंध निदेशक पवन अग्रवाल रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि एवं स्टडी प्रोसेसिंग काउंसलर के रूप में ज्ञानार्थी कॉलेज के एकेडमिक डायरेक्टर डॉ. मनोज मिश्रा, वरिष्ठ शिक्षक विजय पंत एवं राकेश भटनागर उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर विधिवत रूप से किया गया।।इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक सुखविंदर सिंह एवं वाइस चेयरपर्सन नवनीत कौर ने छात्र-छात्राओं को नए शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएं दीं। नवनीत कौर ने अपने संदेश में कहा कि बच्चों के समग्र विकास के लिए अभिभावकों और शिक्षकों का समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के साथ संवाद बनाए रखने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। मुख्य अतिथि पवन अग्रवाल ने अपने संबोधन में छात्रों को समय का सदुपयोग करने, सकारात्मक सोच रखने और निरंतर प्रयास करते रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न बनाते हुए उनके रुचि और क्षमता के अनुसार मार्गदर्शन करें।

डॉ. मनोज मिश्रा ने अध्ययन तकनीकों, करियर विकल्पों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। उन्होंने छात्रों को स्मार्ट स्टडी के महत्व को समझाते हुए नियमित अभ्यास और आत्मविश्वास को सफलता की कुंजी बताया। वरिष्ठ शिक्षक विजय पंत ने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह जीवन कौशल विकसित करने का माध्यम भी है। वहीं राकेश भटनागर ने अपने संदेश में विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारण के साथ निरंतर मेहनत करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि नियमित अभ्यास, अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण से ही छात्र अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। कार्यक्रम में अन्य अतिथियों ने भी अपने विचार रखते हुए शिक्षा के बदलते स्वरूप और अभिभावकों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्यालय और अभिभावक के बीच बेहतर समन्वय ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखता है।

अंत में प्रधानाचार्य जॉनसन ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त शिक्षकगण, अभिभावक एवं छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में मौजूद रहे। आयोजन ने सभी को नई ऊर्जा और सकारात्मक दिशा प्रदान की।

 

अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास ही सफलता की असली कुंजी: सुखविंदर सिंह

कशीपुर (काशीपुर वार्ता)।  प्रबंध निदेशक सुखविंदर सिंह ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह जीवन को सही दिशा देने और व्यक्तित्व को निखारने की प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि एक सफल छात्र वही होता है जो अनुशासन, मेहनत और निरंतर सीखने की भावना को अपनाता है। उन्होंने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों की सफलता में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। बच्चों पर अनावश्यक दबाव डालने के बजाय उन्हें समझना, प्रोत्साहित करना और उनकी क्षमताओं के अनुरूप मार्गदर्शन देना आवश्यक है। जब अभिभावक और विद्यालय मिलकर कार्य करते हैं, तभी बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव हो पाता है। उन्होंने छात्रों को संदेश दिया कि वे अपने लक्ष्य स्पष्ट रखें और उन्हें प्राप्त करने के लिए पूरी लगन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें। असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीख लेते हुए निरंतर प्रयास करते रहना ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि आज का विद्यार्थी ही कल का जिम्मेदार नागरिक है, इसलिए उसे नैतिक मूल्यों, संस्कारों और आधुनिक ज्ञान का संतुलन बनाकर आगे बढ़ना चाहिए।

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