श्रीराम इंस्टिट्यूट के वार्षिकोत्सव “परिवर्तन की लहरें” का भव्य आगाज

कार्यक्रम में नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी का अद्भुत संगम

काशीपुर (काशीपुर वार्ता)। रामनगर रोड स्थित श्रीराम इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी में 22 फ़रवरी रविवार को वार्षिकोत्सव “परिवर्तन की लहरें – विकास, नवाचार और रूपांतरण की एक यात्रा” का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल एक वार्षिक दिवस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संस्थान की 22 वर्षों की उपलब्धियों, नवाचारों और सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रभावशाली प्रदर्शन बना। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सूर्या रोशिनी लिमिटेड, काशीपुर के प्लांट हेड शुभम चमोली रहे जबकि विशिष्ट अतिथियों में पूर्व मेयर ऊषा चौधरी, काशीपुर डेवलपमेंट फोरम के अध्यक्ष राजीव घई, उत्तराखंड एथलेटिक्स सेलेक्शन कमेटी के चेयरमैन विजेंदर चौधरी, एग्रोन रेमेडीज के चेयरमैन गोपाल किशन, सम्राट पृथ्वीराज चौहान कॉलेज के एमडी गोपाल चौहान एवं महेश सिंह चौहान मौजूद थे।

समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं पुष्प अर्पित एवं बीसीए के छात्र-छात्राओं द्वारा भावपूर्ण दुर्गा स्तुति से किया गया, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा। इसके पश्चात बी.एड. के विद्यार्थियों ने “राजुला मालू साही” पर मनमोहक नृत्य एवं संगीत प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कुमाऊँनी, नेपाली, भांगड़ा और बॉलीवुड नृत्यों सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को रंगों और उत्साह से भर दिया। सामाजिक बुराइयों और साइबर सिक्योरिटी जैसे समसामयिक विषयों पर आधारित नाटकों ने समाज में जागरूकता का संदेश दिया। सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा और विद्यार्थियों का आत्मविश्वास देखते ही बनता था।

वार्षिकोत्सव का मुख्य आकर्षण “वेव ऑफ इनोवेशन” एक्सपो

काशीपुर। कार्यक्रम में एक्सपो में विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने अपने नवोन्मेषी प्रोजेक्ट, शोध मॉडल और रचनात्मक प्रयोग प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों की मौलिक सोच, तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक ज्ञान ने उपस्थित अतिथियों और दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। मुख्य अतिथि शुभम चमोली ने अपने संबोधन में संस्थान की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि तकनीकी युग में एआई और आधुनिक तकनीकों का प्रभावी उपयोग सफलता की कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और निरंतर सीखते रहने की प्रेरणा दी। संस्थान के अध्यक्ष रवींद्र कुमार ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं दर्शकों का स्वागत करते हुए संस्थान की 22 वर्षों की उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने कहा कि संस्थान विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है, जिसके परिणामस्वरूप यहां के छात्र-छात्राएं आज देश-विदेश की प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनियों में कार्यरत हैं।

मेधावी विद्यार्थियों व पूर्व छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित

काशीपुर। समारोह के दौरान 25 पूर्व विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। संस्थान में कार्यरत गिरीश चंद्र फुलारा को 10 वर्षों की उत्कृष्ट सेवा के लिए ‘लॉन्ग सर्विस अवार्ड’ प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त 55 मेधावी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्तियां दी गईं तथा रील मेकिंग प्रतियोगिता के 17 विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। संस्थान के निदेशक प्रो. डॉ. योगराज सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि युवा समाज की सृजनात्मक शक्ति हैं और शिक्षकों का दायित्व है कि वे उन्हें सही दिशा में प्रेरित करें। प्राचार्य डॉ. एसएस कुशवाहा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं दर्शकों का आभार व्यक्त किया और संस्थान के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।।मंच संचालन संस्थान के प्रवक्ता कुलदीप, डॉ. फरहा नईम, डॉ. प्रतिभा राघव एवं छवि चौधरी ने कुशलतापूर्वक किया, जबकि कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. गुलनाज सिद्दीकी द्वारा किया गया। वार्षिकोत्सव की सफलता का श्रेय विभिन्न विभागाध्यक्षों, प्रवक्ताओं, स्टाफ और छात्र-छात्राओं के समर्पित प्रयासों को जाता है। यह आयोजन न केवल भव्य और आकर्षक रहा, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा, नवाचार और संस्थान की उत्कृष्ट शैक्षणिक परंपरा का सशक्त प्रमाण भी बना।

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