अभिभावकों से बच्चों की पाचन संबंधी समस्याओं पर विशेष ध्यान देने की अपील
काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। सहोता मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल एवं न्यूरो ट्रॉमा सेंटर से जुड़ी क्षेत्र की एक मात्र वरिष्ठ शिशु शल्य चिकित्सक (पीडियाट्रिक सर्जन) डॉ. गर्विता सिंह ने कहा कि बच्चों में कब्ज (कॉन्स्टिपेशन) एक सामान्य लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसे अधिकांश अभिभावक मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। समय पर पहचान और उचित उपचार नहीं मिलने पर यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है।
काशीपुर वार्ता से हुई एक चर्चा के दौरान डॉ. गर्विता सिंह ने बताया कि कब्ज से पीड़ित बच्चों में मल त्याग के दौरान दर्द, अत्यधिक जोर लगाना, बवासीर जैसी समस्याएं तथा मल त्याग में कठिनाई जैसी परेशानियां देखने को मिलती हैं। यदि लंबे समय तक इसका उपचार नहीं कराया जाए तो स्थिति और अधिक जटिल हो सकती है तथा कई मामलों में शिशु शल्य चिकित्सक की सलाह तक लेनी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि कब्ज को सामान्य समस्या मानकर घरेलू उपायों के भरोसे छोड़ देना उचित नहीं है। इसकी सही समय पर पहचान, चिकित्सकीय जांच और वैज्ञानिक उपचार से अधिकांश बच्चों को गंभीर जटिलताओं से बचाया जा सकता है। अभिभावकों को चाहिए कि यदि बच्चे में लगातार कब्ज, दर्द या मल त्याग में कठिनाई के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ या पीडियाट्रिक सर्जन से परामर्श लें। चर्चा के दौरान उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया गया कि अभिभावकों में बच्चों की कब्ज संबंधी समस्या के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने इसके लिए सभी अस्पतालो द्वारा जागरूकता सामग्री उपलब्ध कराने तथा ऐसे मामलों में समय पर विशेषज्ञ चिकित्सकों को रेफर करने की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
