माताओं, परिवारों एवं समाज में स्तनपान के प्रति किया जागरूक तथा नवजात शिशुओं के लिए माँ के दूध के महत्व को बताया
काशीपुर (कशीपुर वार्ता) 2 अगस्त। विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) उत्तराखंड के तत्वावधान में सहोता सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल एवं न्यूरो एंड रोबोटिक सेंटर, काशीपुर में एक भव्य पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य माताओं, परिवारों एवं समाज में स्तनपान के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा नवजात शिशुओं के लिए माँ के दूध के महत्व को रेखांकित करना था।
कार्यक्रम का नेतृत्व आईएपी उत्तराखंड के अध्यक्ष डॉ. रवि सहोता ने किया। उन्होंने कहा कि माँ का दूध शिशु के लिए प्रकृति का सर्वोत्तम उपहार है। जन्म के पहले घंटे के भीतर स्तनपान की शुरुआत तथा पहले छह माह तक केवल माँ का दूध देना शिशु को संक्रमणों से सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उसके शारीरिक एवं मानसिक विकास की मजबूत नींव रखता है। उन्होंने कहा कि स्तनपान केवल एक स्वास्थ्य विषय नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य का आधार है।
पोस्टर प्रतियोगिता में अस्पताल के नर्सिंग एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने पूरे उत्साह और रचनात्मकता के साथ भाग लिया। प्रतिभागियों ने आकर्षक एवं संदेशपरक पोस्टरों के माध्यम से स्तनपान के वैज्ञानिक महत्व, सही तकनीक, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर इसके सकारात्मक प्रभाव तथा परिवार एवं समाज की भूमिका को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। सभी प्रतिभागियों के कार्य की निर्णायकों ने सराहना की।प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए काजल ने प्रथम स्थान तथा रूही ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को प्रमाणपत्र एवं सम्मान प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
इस अवसर पर डॉ. रवि सहोता ने कहा कि अस्पताल का प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी स्तनपान जागरूकता अभियान का एक महत्वपूर्ण दूत है। उन्होंने कहा कि सहोता सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल का लक्ष्य केवल उपचार प्रदान करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नवजात को जीवन की सर्वोत्तम शुरुआत देना है। अस्पताल की पूरी टीम का संकल्प है कि उचित परामर्श, प्रशिक्षित स्तनपान सहयोग, सही लॅचिंग तकनीक की शिक्षा तथा निरंतर मार्गदर्शन के माध्यम से अस्पताल में जन्म लेने वाले लगभग प्रत्येक शिशु तक स्तनपान की सुविधा सुनिश्चित की जाए। हमारा प्रयास है कि अस्पताल में स्तनपान की दर को लगभग 100 प्रतिशत तक पहुँचाया जाए, ताकि हर नवजात माँ के दूध के अमूल्य लाभ से वंचित न रहे।
उन्होंने यह भी कहा कि स्तनपान को सफल बनाने के लिए केवल माँ ही नहीं, बल्कि परिवार, स्वास्थ्यकर्मी और समाज का सहयोग भी उतना ही आवश्यक है। सही जानकारी, धैर्य और निरंतर सहयोग से प्रत्येक माँ सफलतापूर्वक अपने शिशु को स्तनपान करा सकती है। कार्यक्रम का समापन सभी स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा स्तनपान को बढ़ावा देने तथा प्रत्येक माँ को सही मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करने के संकल्प के साथ हुआ। इस अवसर पर उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने विश्व स्तनपान सप्ताह के संदेश को समाज के प्रत्येक परिवार तक पहुँचाने का संकल्प लिया।










