होली एंजेल पब्लिक स्कूल में विद्यार्थियों को सिखाए सुरक्षा, अनुशासन और साइबर सुरक्षा के गुर

छात्राओं को सुरक्षित-असुरक्षित स्पर्श और छात्रों को साइबर अपराधों से बचाव की दी जानकारी

 

काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। होली एंजेल पब्लिक स्कूल, काशीपुर में मंगलवार को कक्षा 1 से 6 तक के विद्यार्थियों के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा, अनुशासन और साइबर सुरक्षा विषयों पर विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित व्यवहार, व्यक्तिगत सीमाओं, अनुशासन, डिजिटल जिम्मेदारी तथा साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक और सजग बनाना रहा।

छात्राओं को समझाया अच्छा और बुरा स्पर्श

विद्यालय सभागार में छात्राओं के लिए ‘अच्छा स्पर्श एवं बुरा स्पर्शसुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श की पहचान’ विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। सत्र में शिवांगी मैम एवं किरण मैम ने संसाधन व्यक्ति के रूप में छात्राओं को महत्वपूर्ण जानकारी दी।
उन्होंने छात्राओं को अच्छे और बुरे स्पर्श के बीच अंतर, व्यक्तिगत सीमाओं तथा असुरक्षित परिस्थितियों में सतर्क रहने के उपायों के बारे में सरल और सहज भाषा में समझाया। छात्राओं को बताया गया कि किसी भी असहज या संदिग्ध स्थिति में चुप रहने के बजाय बिना झिझक माता-पिता, शिक्षक अथवा किसी अन्य विश्वसनीय वयस्क से सहायता लेनी चाहिए।
छात्रों को बताए साइबर हमलों से बचाव के उपाय

वहीं, स्मार्ट क्लासरूम में छात्रों के लिए ‘अनुशासन, साइबर हमले एवं साइबर सुरक्षा’ विषय पर जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। शोभा मैम, निदा मैम एवं निशिका मैम ने छात्रों को अनुशासन और जिम्मेदार व्यवहार के साथ-साथ साइबर अपराधों और ऑनलाइन खतरों की जानकारी दी। सत्र में विद्यार्थियों को व्यक्तिगत एवं गोपनीय जानकारी सुरक्षित रखने, संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों को पहचानने, अनजान लिंक अथवा संदेशों से सावधान रहने तथा इंटरनेट और डिजिटल माध्यमों का जिम्मेदारी के साथ उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों को समझाया गया कि डिजिटल दुनिया में थोड़ी-सी लापरवाही भी सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है।

विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक लिया हिस्सा

दोनों जागरूकता सत्रों में विद्यार्थियों ने उत्साह, एकाग्रता और सक्रिय सहभागिता के साथ भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि सजगता, अनुशासन, आत्म-सुरक्षा और जिम्मेदार निर्णय ही सुरक्षित एवं सशक्त भविष्य की मजबूत नींव हैं।
विद्यालय की ओर से आयोजित इन जागरूकता कार्यक्रमों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उन्हें बदलते सामाजिक एवं डिजिटल परिवेश में सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

सुरक्षित एवं डिजिटल रूप से जागरूक वातावरण देना विद्यालय की प्राथमिकता: सुबोध कुमार सिंह। 

काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। होली एंजेल पब्लिक स्कूल के निदेशक-प्रधानाचार्य सुबोध कुमार सिंह ने कहा कि प्रत्येक बच्चे के लिए सुरक्षित, संरक्षित, अनुशासित एवं डिजिटल रूप से जागरूक वातावरण सुनिश्चित करना विद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को केवल शैक्षणिक ज्ञान देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें व्यक्तिगत सुरक्षा, अनुशासन, जिम्मेदार व्यवहार और साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूक करना आवश्यक है। विद्यालय द्वारा समय-समय पर आयोजित किए जाने वाले जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को बदलते सामाजिक एवं डिजिटल परिवेश की चुनौतियों को समझने और उनका आत्मविश्वास के साथ सामना करने में मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि आज की जागरूकता ही कल के आत्मविश्वास, जिम्मेदारी और सुरक्षा की मजबूत नींव तैयार करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से सतर्क रहने, अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने और डिजिटल माध्यमों का जिम्मेदारी एवं विवेकपूर्ण तरीके से उपयोग करने का आह्वान किया।

चेयरमैन अमित सिंह ने सुरक्षा, अनुशासन और साइबर जागरूकता को बताया समय की आवश्यकता

कशीपुर (कशीपुर वार्ता)। विद्यालय के चेयरमैन अमित सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों की शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें व्यक्तिगत सुरक्षा, अनुशासन और डिजिटल दुनिया की चुनौतियों के प्रति भी जागरूक बनाना आवश्यक है। आज के समय में बच्चों को अच्छे और बुरे स्पर्श की पहचान, अपनी व्यक्तिगत सीमाओं की समझ तथा असहज परिस्थितियों में सही व्यक्ति से सहायता लेने का आत्मविश्वास होना चाहिए। इसी प्रकार, बढ़ते साइबर अपराधों के दौर में विद्यार्थियों को अपनी निजी एवं गोपनीय जानकारी सुरक्षित रखने और इंटरनेट का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने की आदत विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय का दायित्व विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ-साथ सुरक्षित, सजग और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से सतर्क रहने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने का आह्वान किया।

 

👁 1,459 Views

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *